AIIMS Gorakhpur: यहां तीन जगह लगती है लाइन, तब होते हैं डाक्‍टर के दर्शन

एम्स गोरखपुर में अच्छे इलाज की आस में मरीज रात में ही आकर गेट पर लाइन लगा रहे हैं। सुबह तक लाइन सड़क तक पहुंच जाती है। स्‍थ‍ित‍ि यह है की तीन जगह लाइन में लगने के बाद मरीज डाक्‍टर तक पहुंच पाते हैं।

Pradeep SrivastavaWed, 27 Oct 2021 08:49 AM (IST)
गोरखपुर एम्‍स में लगी मरीजों की लंबी लाइन। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में डाक्टर तक पहुंचना आसान नहीं है। तीन जगह लाइन में लगकर मरीज जब तक डाक्टर के पास पहुंचता है, थक कर चूर हो जाता है। कई मरीज घंटों लाइन में लगने के कारण गश खाकर गिर भी चुके हैं। महिलाओं का हाल तो और बुरा है। कई तो पंजीकरण की लाइन में लगने के बाद ही फर्श पर बैठ जाती हैं।

ब‍िहार व नेपाल से भी आते हैं मरीज

एम्स में गोरखपुर-बस्ती मंडल के साथ ही बिहार और नेपाल के भी मरीज आने लगे हैं। अच्छे इलाज की आस में मरीज रात में ही आकर गेट पर लाइन लगा दे रहे हैं। सुबह तक लाइन सड़क तक पहुंच जाती है। लोग गेट खोलकर अंदर जाने की गार्डों से गुहार लगाते हैं लेकिन एम्स प्रशासन के निर्देशों का हवाला देकर गार्ड गेट खोलने से मना कर देते हैं। सुबह आठ बजे गेट खोला जाता है तो तकरीबन सौ मरीजों को अंदर भेजा जाता है। मरीज भागते हुए अंदर जाते हैं और ओपीडी के बाहर दोबारा लाइन में लग जाते हैं। तकरीबन नौ बजे पंजीकरण काउंटर पर कर्मचारी आते हैं तब मरीजों को पंजीकरण कक्ष में भेजा जाता है। यहां फिर लाइन में लगने के बाद पंजीकरण कराना होता है।

ज‍िला अस्‍पताल में केवल जगह लाइन

बिहार से अपनी मां का इलाज कराने आए राम महतो कहते हैं कि पूरी रात एम्स के गेट पर बिताने के बाद सुबह हुई तो लगा कि अब इलाज की बाधा दूर हो गई है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इतनी जगह लाइन लगाई जा रही है कि मरीज के साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है। कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। इससे अच्छी व्यवस्था तो जिला अस्पताल में ही रहती है। कम से कम एक जगह लाइन लगाने के बाद डाक्टर तक तो पहुंचा जा सकता है।

डाक्टरों के बैठने का समय नहीं

एम्स की ओपीडी में डाक्टरों के बैठने का कोई समय ही नहीं रह गया है। डाक्टर अपने हिसाब से ओपीडी में बैठते हैं। मरीज और उनके स्वजन शोर मचाते हैं तो कभी बताया जाता है कि डाक्टर साहब मरीज देखने वार्ड में गए हैं तो कही बताया जा रहा है कि वह एमबीबीएस छात्रों का क्लास ले रहे हैं। किसी तरह डाक्टर के कमरे के बाहर पहुंचे मरीजों को कभी-कभी घंटों इंतजार करने के बाद वापस भी जाना पड़ता है।

नंबर जल्दी लगाने को कहा तो बाहर करा दिया

एम्स में कर्मचारियों की भी मनमानी चरम पर पहुंच रही है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण कर्मचारी किसी भी मरीज या उनके स्वजन की कभी भी बेइज्जती कर दे रहे हैं। सोमवार को मेडिसिन विभाग में डाक्टर को दिखाने पहुंचे एक युवक ने अपनी मजबूरी बताकर जल्द दिखाने को कहा तो आरोप है कि कर्मचारी ने उसका पंजीकरण ही नहीं किया। और तो और गार्ड को बुलाकर उसे बाहर करा दिया। दोपहर में किसी तरह जुगाड़ लगाकर युवक पहुंचा तो उसे सबसे बाद का नंबर दिया गया।

सिर्फ चार काउंटर खुले, परेशान रहे मरीज

एम्स में मरीजों की पर्याप्त संख्या के बाद भी पंजीकरण के लिए सिर्फ चार काउंटर खोले गए। सोमवार को पहुंचे मरीजों को पंजीकरण कराने में ही घंटों लग गए। मरीजों का कहना था कि यदि सभी काउंटर समय से खुल जाएं तो भी दिक्कत काफी हद तक कम हो जाएगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.