सात अफसरों की टीम करवाएगी गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, रूट का सर्वे पूरा

गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं। लखनऊ की तरह शहर में भी इलेक्ट्रिक बस का किराया कम से कम पांच रुपये होगा। अफसरों की टीम किराया तय करने के लिए रूट का सर्वे कर रही है।

Pradeep SrivastavaTue, 21 Sep 2021 11:21 AM (IST)
गोरखपुर में इलेक्‍ट्र‍िक बसों के संचालन के ल‍िए सात अध‍िकार‍ियों की टीम बनाई गई है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर शहर में एसी इलेक्ट्रिक बसें अफसरों की देखरेख में चलेंगी। सोमवार को स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) समिति का गठन कर दिया गया। गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के अधीन बसें चलेंगी। कमिश्नर की अध्यक्षता वाली कमेटी किराया से लगायत बसों की पूरी व्यवस्था देखेगी। प्राइवेट कंपनी पीएमआइ को संचालन का ठेका मिला है।

तीन रूटों पर चलेंगी बसें

शहर में इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं। लखनऊ की तरह शहर में भी इलेक्ट्रिक बस का किराया कम से कम पांच रुपये होगा। अफसरों की टीम किराया तय करने के लिए रूट का सर्वे कर रही है। इसी हफ्ते इलेक्ट्रिक टिकट मशीनें भी आने की संभावना है। किराया की दर तय होने के बाद मशीन में इसे फीड किया जाएगा।

एसपीवी में यह हैं अफसर

कमिश्नर (चेयरमैन)

क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज (मुख्य कार्यपालक अधिकारी)

डीएम

एसएसपी

गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष

नगर आयुक्त

आरटीओ

स्टापेज के बीच की दूरी की बन रही सूची

सोमवार को रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी के निर्देश पर शहर में निर्धारित तीन रूटों का सर्वे किया गया। रूट पर दो स्टापेज के बीच की दूरी की सूची बनाई गई। इसी दूरी के आधार पर किराया तय किया जाएगा।

जल्द होगी बोर्ड की बैठक

एसपीवी के गठन के बाद गोरखपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बोर्ड की बैठक जल्द होने की उम्मीद है। बोर्ड की बैठक तीन महीने में एक बार होनी अनिवार्य है। पहली बैठक में किराये पर मुहर लग जाएगी। बोर्ड की बैठक में एक कंपनी सेक्रेटरी भी रहेंगे।

महेसरा में अभी बहुत काम बाकी

शहर में इलेक्ट्रिक बस चलाने की तैयारियां भले ही जोर-शोर से चल रही हों, लेकिन महेसरा में बन रहे डिपो व चार्जिंग स्टेशन का काम बहुत ही सुस्त गति से हो रहा है। 20 सितंबर को समय सीमा खत्म होने के बाद भी बहुत काम बाकी है। कार्यदायी कंपनी पीएमआइ की सुस्ती से नाराज नगर आयुक्त अविनाश सिंह पहले ही इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग को पत्र लिख चुके हैं। अफसरों का कहना है कि 27 सितंबर तक बसें आ जाएगी। यदि महेसरा में काम पूरा नहीं हुआ तो बसें शहर में किसी स्थान पर खड़ी करनी पड़ेंगी। जब तक संपर्क मार्ग और चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह तैयार नहीं हो जाएगा, बसें नहीं चल सकेंगी।

रेलवे बस स्टेशन पर वाइफाइ का काम शुरू

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद शहर में मुफ्त वाइफाइ सेवा उपलब्ध कराने का काम शुरू हो गया है। रेलवे बस स्टेशन पर कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। रेलवे बस स्टेशन के साथ गोलघर और बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में मुफ्त वाइफाइ की सुविधा दी जाएगी। शहर में मुफ्त वाइफाइ की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम प्रशासन कई दिनों से प्रयास कर रहा था। अब कंपनी तय कर काम शुरू करा दिया गया है। नागरिकों को आधा घंटा रोजाना मुफ्त वाइफाइ की सुविधा मिलेगी। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि रेलवे बस स्टेशन पर वाइफाइ की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। इसी हफ्ते सुविधा शुरू करने की कोशिश की जा रही है। यह सभी के लिए फायदेमंद रहेगा।

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