एक करोड़ रुपये से सात वर्षों में खड़ा कर दिया भव्‍य मंदिर, जानिए कैसे किया ये काम Gorakhpur News

कुदरहा ब्लाक के जिभियांव में बने मंदिर को दिखाते राकेश यादव। जागरण

बस्‍ती जिले के कुदरहा ब्लाक के जिभियांव निवासी राकेश यादव उर्फ पाचूं ने अपने ख्वाब की तस्वीर में जनसहयोग से हकीकत का रंग भरने का कार्य किया है। एक करोड़ की लागत से सात वर्षों में भव्य मंदिर का निर्माण कराया है।

Rahul SrivastavaSat, 03 Apr 2021 11:10 AM (IST)

अनूप सिंह, गोरखपुर : बस्‍ती जिले के कुदरहा ब्लाक के जिभियांव निवासी राकेश यादव उर्फ पाचूं ने अपने ख्वाब की तस्वीर में जनसहयोग से हकीकत का रंग भरने का कार्य किया है। एक करोड़ की लागत से सात वर्षों में भव्य मंदिर का निर्माण कराया है, जो लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है।

2014 में देखा था हनुमान मंदिर निर्माण का सपना

सामाजिक कार्यों में जुड़े रहने वाले राकेश बताते हैं कि 2014 में उन्होंने हनुमान मंदिर निर्माण का सपना देखा। इसको पूरा करने में उनके सामने धन की कमी सामने आई, क्योंकि उनके पास खुद की आय का कोई जरिया नहीं है। सुबह आसपास के लोगों से सपने की बात बताई। कुछ लोगों के सहयोग से मंदिर की नींव भी डाल दी, फिर भगवान हनुमान की छोटी सी मूर्ति स्थापित की। धीरे-धीरे मंदिर को भव्य रूप देना शुरू कर दिए। लोगों ने भी मंदिर निर्माण में सहयोग करना शुरू कर दिया। एक दिन हथियांव गांव में मंदिर निर्माण कर रहे संतकबीर नगर के शिल्पकार रामनरेश से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने अपनी बात बताई। शिल्पकार इससे प्रभावित हुए और 2015 से मंदिर को दिव्य रूप देने में लगे हैं। 2021 में मंदिर पूरी तरह से तैयार हो गया। सौंदर्यीकरण का कार्य अभी चल रहा है। परिसर में देवी-देवताओं की प्रतिमा, हाथी, घोड़े व बंदर की कलाकृतियां भी बनाई गई हैं। प्रवेश द्वारा के ऊपर शेषनाग की कलाकृति है। उनके अगल-बगल देवी-देवताओं की प्रतिमा व उनकी सवारी की भी मूर्ति बनाई गई है। मंदिर की छत पर पहाड़ व गुफा बनाई गई है। इसमें भगवान के बाल स्वरूप की प्रतिमाएं बनाई गई हैं। मंदिर के भूगर्भ में विभिन्न देवी-देवताओं के साथ भगवान श्री विष्णु के कुछ अवतारों को दर्शाया गया है।

शिल्पकार भी प्रभावित

शिल्पकार रामनरेश ने बताया कि वह 40 वर्ष से सिर्फ मंदिर व मूर्ति का ही निर्माण करके जीवनयापन कर रहे हैं। राकेश के पास धन न होते हुए भी इतने बड़े मंदिर बनवाने का भाव मुझे काफी प्रेरित किया। मैंने मंदिर निर्माण में पारिश्रमिक की कोई मांग नहीं की। जब तक हाथ पाव चलेंगे, मंदिर के सौंदर्यीकरण में लगा रहूंगा।

प्राण-प्रतिष्ठा 27 को

राकेश ने बताया कि 24 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ अखंड रामायण पाठ का आयोजन होगा। 27 को हनुमानजी की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा होगी। 28 अप्रैल को भंडारा होगा।

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