संतकबीर नगर में गोल्डन कार्ड से मिली 9614 लोगों को नई जिंदगी

कार्ड नहीं होता तो जिले के कई गरीबों की जिदगी खतरे में पड़ सकती थी। उनका मानना है कि गोल्डन कार्ड के रूप में सुरक्षा कवच मिल गया है।

JagranFri, 24 Sep 2021 06:15 AM (IST)
संतकबीर नगर में गोल्डन कार्ड से मिली 9614 लोगों को नई जिंदगी

जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड से पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा जनपद के गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। कार्ड नहीं होता तो जिले के कई गरीबों की जिदगी खतरे में पड़ सकती थी। उनका मानना है कि गोल्डन कार्ड के रूप में सुरक्षा कवच मिल गया है।

जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाइ) के तहत 82928 परिवार व 414640 लाभार्थी हैं। जबकि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (एमजेएवाइ) के तहत 9151 परिवार व 45755 लाभार्थी हैं। इस प्रकार दोनों योजनाओं में 92079 परिवार व 460395 लाभार्थी हैं। अब तक पीएमजेएवाइ से 104287 व एमजेएवाइ से 5596 और कुल 109883 गोल्डन कार्ड बने हैं। योजना में जनपद के सात सरकारी अस्पताल व सात गैर सरकारी अस्पताल शामिल किए गए हैं।

2018-19 में पीएमजेएवाइ के तहत 414640 लक्ष्य के सापेक्ष 1062 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ। जबकि एमजेएवाइ के तहत कोई लक्ष्य नहीं मिला था। इस सत्र में इलाज में 1.58 करोड़ रुपये खर्च हुए। 2019-20 में पीएमजेएवाइ के तहत 413578 लक्ष्य की तुलना में 3499 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ। वहीं एमजेएवाइ के तहत 45755 लक्ष्य के सापेक्ष 185 लोगों का इलाज हुआ। उपचार पर 5.21 करोड़ रुपये खर्च हुए। वित्तीय सत्र 2020-21 में पीएमजेएवाइ के तहत 410079 लक्ष्य की तुलना में 2762 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ था। वहीं एमजेएवाइ के तहत 45570 लक्ष्य के सापेक्ष 794 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ था। इस प्रकार इस सत्र में कुल 455649 लक्ष्य के सापेक्ष 3556 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ था। इस सत्र में उपचार पर 4.11 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जबकि वित्तीय सत्र 2021-22 में पीएमजेएवाइ के तहत 407317 लक्ष्य की तुलना में अभी तक 960 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ है। वहीं एमजेएवाइ के तहत 44776 लक्ष्य के सापेक्ष 352 लोगों का उपचार हो पाया। इस प्रकार इस सत्र में कुल 452093 लक्ष्य के सापेक्ष 1312 लोगों का मुफ्त में उपचार हुआ है।

गोल्डन कार्ड से चलने-फिरने लायक हो गई बेटी

हैंसर बाजार ब्लाक के खैराडांड़ गांव के विश्वनाथ ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी कुसमावती का दोनों पैर आठ माह पूर्व जल गया था। वह चल नहीं पाती थी। उन्होंने गोल्डन कार्ड बनवाया। गोरखपुर में निजी अस्पताल में बेटी के दोनों पैर का आपरेशन चिकित्सकों ने किया। उन्हें अपने जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़़ा।

गरीबी में गोल्डन कार्ड ने दिया साथ

सांथा ब्लाक के कसया गांव के निवासी 53 वर्षीय जगदीश गौड़ पुत्र बाबूराम दो साल से पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थे। जांच में हार्निया की पुष्टि हुई। निजी अस्पतालों में पैसा खर्च करने की क्षमता नहीं थी। गोल्डन कार्ड बनवाकर खलीलाबाद मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। सात सितंबर को मुफ्त में आपरेशन कराया। कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है। अब वह स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि कार्ड न होता तो उपचार कराना काफी कठिन होता।

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