Gorakhpur Municipal Corporation Budget: गोरखपुर शहर के संपूर्ण विकास के लिए 473 करोड़ मंजूर, मरीजों के लिए एम्स के पास बनेगा फ्लैट

नगर निगम की बैठक में महापौर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह।

Gorakhpur Municipal Corporation Budget (एम्स) में आने वाले मरीजों के तीमारदारों की सुविधा के लिए एम्स के पास 15 सौ वर्ग मीटर में आवासीय फ्लैट के लिए सेवा भारती को जमीन देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अन्‍य तमाम ि‍विकास कार्य किए जाएंगे।

Satish chand shuklaTue, 23 Feb 2021 06:12 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। सबकी चिंता और शहर के संपूर्ण विकास को ध्यान में रखकर नगर निगम कार्यकारिणी में वित्तीय वर्ष 2021-22 का पेपरलेस बजट पेश किया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है और पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया गया है। 473 करोड़ 61 लाख 24 हजार के बजट में विकास कार्यों पर फोकस किया गया है। साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आने वाले मरीजों के तीमारदारों की सुविधा के लिए एम्स के पास 15 सौ वर्ग मीटर में आवासीय फ्लैट के लिए सेवा भारती को जमीन देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शहर के सभी 70 वार्डों में विकास कार्यों के लिए 70 पार्षदों और 10 मनोनीत पार्षदों से तीस-तीस लाख रुपये का प्रस्ताव लिया जाएगा।

नगर निगम कार्यकारिणी की हुई बैठक

नगर निगम के सदन हाल में कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। महापौर सीताराम जायसवाल की अनुमति से नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने कार्रवाई शुरू कराई। कार्रवाई शुरू होते ही सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने पिछली कार्रवाई की पुष्टि का बिंदु न होने पर आपत्ति जताई। इसे दुरुस्त करने के आश्वासन के साथ बजट की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

भूमि आवंटन का भाजपा पार्षदों ने किया विरोध

कार्यकारिणी में सपा पार्षदों ने खूनीपुर में शौकत अली को 527 वर्गफीट भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। इसका भाजपा के पार्षदों ने विरोध किया। उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने कहा कि किसी भी सरकारी जमीन पर भले ही वर्षों से कोई रह रहा हो तो उसकी जमीन नहीं हो जाएगी। जमीन का मालिकाना हक नगर निगम के पास है। ऐसे मामलों से बचना चाहिए नहीं तो यह अन्य मामलों के लिए नजीर बन जाएगा।

नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी

एम्स में आने वाले मरीजों के तीमारदारों की सुविधा के लिए आवासीय फ्लैट बनाने का नगर विकास विभाग के विशेष सचिव की ओर से प्रस्ताव आया था। नगर आयुक्त ने इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी में रखा। बताया गया कि महादेव झारखंडी में 15 सौ वर्ग मीटर नगर निगम की जमीन पर सेवा भारती गोरक्ष प्रांत माधव धाम दयानन्द मार्ग राजेन्द्र नगर पूर्वी, गोरखपुर फ्लैट बनाने को तैयार है। सेवा भारती को जमीन लीज पर दिया जाना है। सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि बगल में कब्रिस्तान की जमीन को देखते हुए पैमाइश जरूरी है। अफसरों ने पैमाइश रिपोर्ट की जानकारी दी। इसके बाद प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने मंजूरी दे दी।

40 करोड़ रह गई नगर निगम की देयता

नगर निगम की कुल देयता अब सिर्फ 40 करोड़ रुपये रह गई है। वर्तमान बोर्ड जब अस्तित्व में आया तो नगर निगम की देयता 127 करोड़ रुपये थी। कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के पार्षद आलोक सिंह विशेन ने नगर निगम की देयता की जानकारी देने की मांग की थी। बताया गया कि 40 में से सिर्फ आठ करोड़ की देनदारी निर्माण विभाग की है। महापौर सीताराम जायसवाल ने कहा कि नगर निगम की देयता जल्द ही शून्य कर दी जाएगी। इसके बाद विकास कार्य और तेजी से होंगे।

सदन की बैठक अब 24 को नहीं

कार्यकारिणी की बैठक के बाद 24 फरवरी को सदन की बैठक में बजट को रखा जाना था। इसकी तैयारी पूरी हो गई थी लेकिन विधानसभा और लोकसभा का सत्र चलने के कारण नियमानुसार सदन की बैठक नहीं हो सकती थी। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने सदन की बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया। महापौर सीताराम जायसवाल ने बताया कि सदन की बैठक छह मार्च को हो सकती है।

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