शव के इलाज के नाम पर मांग रहे थे 40 हजार रुपये, नहीं मिला तो निकाल ली अंगूठी Gorakhpur News

गोरखपुर में एक अस्‍पताल में शव का इलाज करने के लिए रुपये मांगे गए। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर के अभिषेक सिंह ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्होंने बीते 30 अप्रैल को सास बीएमआरसी निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया। वहां चार घंटे में इलाज के नाम पर 51 हजार रुपये लिए और उसके सिर्फ 27 हजार रुपये की रिसीविंग दी।

Pradeep SrivastavaSun, 09 May 2021 07:05 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। शासन का सख्त निर्देश है कि कोरोना संक्रमित मरीजों से किसी प्रकार की बदलूकी न हो। बावजूद इसके पोस्टमार्टम हाउस के सामने स्थित बीएमआरसी हास्पिटल में कोराना संक्रमित मरीज के स्वजन से अवैध वसूली की गई। अवैध वसूली की बातें जब खबरों व शिकायतों के माध्यम से सुर्खियों में आईं तब अस्पताल प्रशासन ने बैक फुट पर आ गया। अस्पताल प्रशासन अतिरिक्त वसूले गए धन को मरीज के स्वजन को वापस कर दिया है और यह शर्त रखी है कि वह कहीं किसी फोरम पर इसकी शिकायत नहीं करेगा।

51 हजार रुपये लेकर अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के स्वजन को दी थी 27 हजार की रशीद

शहर के सिविल लाइंस मुहल्ले के अभिषेक सिंह ने चिलुआताल थाने पर प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्होंने बीते 30 अप्रैल को अपनी सास नीलम सिंह को बीएमआरसी निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया था। वहां चार घंटे में इलाज के नाम पर 51 हजार रुपये लिए और उसके बदले सिर्फ 27 हजार रुपये की रिसीविंग दी। मामले की जांच शुरू हुई तो अस्पताल संचालक ने अभिषेक को 40 हजार रुपये लौटा दिया।

शव से निकाल ली गई अंगूठी

बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम देउरवीर निवासी बबलू मौर्य ने आरोप लगाया कि बीते 29 अप्रैल को उनकी मां गंगोत्री देवी की सांस फूल रही थी। उनका शूगर लेवल भी अधिक था। उन्हें इलाज के लिए बीएमआरसी अस्पताल ले जाया गया तो वहां उनसे पहले 1.10 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन वह सिर्फ 70 हजार के करीब ही जमा करा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें नर्सिंग होम के भीतर नहीं जाने दिया गया। सुबह फिर रुपये जमा कराने की जिद की गई। लेकिन इस दौरान वहां के एक चिकित्सक से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। बबलू के मुताबिक अस्पताल के कर्मचारियों ने शव अंगूठी भी निकाल ली थी। उसने चिलुआताल पुलिस से इसकी मौखिक शिकायत की है।

अस्पताल ने अपनी गलती मान ली। उन्होंने 40 हजार रुपये लौटा दिये हैं। लेकिन ऐसा सिर्फ मेरे ही परिवार के साथ नहीं हुआ है। बहुत लोगों के साथ हुआ है, जिन-जिन लोगों से अस्पताल प्रशासन ने अवैध वसूली की है, उन सभी के रुपयों को लौटाना होगा। - अभिषेक सिंह, मरीज के स्वजन।

अभिषेक जी को कुछ कंफ्युजन हो गया था। उनसे बात हो गई है। 51 हजार रुपये लेने के मामले में गलती हो गई। जिस स्टाफ के चलते यह सब दिक्कतें आ रही थीं, उसे नर्सिंग होम से निकाल दिया गया। आगे से ऐसी गलतियां नहीं होंगी। - डा.संजय श्रीवास्तव, संचालक-बीएमआरसी नर्सिंग होम।

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