भरे जाएंगे 16 गैप, दर्जनों गांव बाढ़ से होंगे सुरक्षित

शाहपुर-भोजपुर अधूरा बांध का निर्माण अब जल्द ही पूरा होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 74 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। 40.800 किलोमीटर लंबे बांध का निर्माण 1994 में हुआ था। परंतु कुछ जगहों पर किसानों की भूमि विवाद के चलते बांध का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका था। कुल 16 स्थानों पर बड़े-बड़े गैप होने के कारण बांध की उपयोगिता बेमतलब थी।

JagranWed, 16 Jun 2021 06:15 AM (IST)
भरे जाएंगे 16 गैप, दर्जनों गांव बाढ़ से होंगे सुरक्षित

सिद्धार्थनगर : शाहपुर-भोजपुर अधूरा बांध का निर्माण अब जल्द ही पूरा होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 74 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। 40.800 किलोमीटर लंबे बांध का निर्माण 1994 में हुआ था। परंतु कुछ जगहों पर किसानों की भूमि विवाद के चलते बांध का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका था। कुल 16 स्थानों पर बड़े-बड़े गैप होने के कारण बांध की उपयोगिता बेमतलब थी। जब भी बाढ़ आती दर्जनों गांवों में तबाही की कहानी लिख जाती। हजारों एकड़ खेत की फसल पानी में डूब जाती। नेबुआ व गागापुर में कटान भी लगातार बढ़ती जा रही थी। परंतु परियोजना की स्वीकृति फिर से मिल जाने के कारण अब न केवल बांध कार्य पूर्ण होगा, बल्कि दो स्थानों पर कटान निरोधक कार्य भी कराए जाएंगे। उम्मीद है कि बरसात के बाद परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

शाहपुर-भोजपुर गांव 40-42 गांवों को जोड़ता है। यहां 16 गैप हैं, जिसको भरने की मांग कई वर्षों से की जा रही थी। क्योंकि अधूरा बांध न तो गांवों को सुरक्षित कर पाता था और न ही खेतों को। लंबी कवायद के बाद परियोजना पूर्ण होने की स्वीकृति मिली। कुल 74 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पहले उन किसानों को मुआवजा दिया जाएगा, जिनकी जमीन बंधे के मार्ग पर आ रही है। इसके बाद बांध को पूर्ण कराया जाएगा। चार-पांच रेगुलेटर का भी निर्माण होगा। नेबुआ व गागापुर में कटान निरोधक कार्य भी कराए जाएंगे। गागापुर जहां कटान शाह-सिगारजोत मुख्य मार्ग के करीब आ चुकी है। बाढ़ आई और सड़क नदी में समां गई तो फिर गागापुर गांव को शायद ही कोई बचा सके। जो परियोजना स्वीकृत हुई है, उसमें यहां सड़क को बंधे का रूप दिया जाना है। जिससे न केवल कटान को रोका जा सके, बल्कि गांव को भी सुरक्षित किया जा सके। चूंकि बरसात का मौसम शुरू हो गया है, इसलिए अब इसके बाद ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

अवर अभियंता सिंचाई विभाग कालिका प्रसाद ने कहा कि दो टेंडर हो चुके हैं। शीघ्र ही शेष बचे टेंडर की प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाएगा। इसके बाद उन किसानों की सूची बनाई जाएगी, जिनकी भूमि बांध के बीच आ रही है। सभी को पहले मुआवजा दिलाया जाएगा। बरसात के बाद बांध का निर्माण कार्य शुरू होगा।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. सतीश द्विवेदी ने बताया कि ढाई दशक से ऊपर की परियोजना अधूरी थी। बांध निर्माण के बाद भी गैप के कारण इसका उपयोग बेमतलब था। दर्जनों गांवों में बाढ़ तबाही मचाती थी। चुनाव के समय उन्होंने समस्या देखी थी, तभी से निरंतर प्रयास में लगे रहे। केंद्र सरकार की ओर से परियोजना की स्वीकृति मिल चुकी है। नाबार्ड द्वारा धन उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके बाद कार्य प्रारंभ होगा। अधूरा बांध जहां पूर्ण होगा, वहीं गागापुर में संवेदनशील कटान को भी सुरक्षित किया जाएगा।

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