गोरखपुर में निशाने पर 16 वन माफिया, गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी

वन विभाग ने दो साल में 16 वन माफिया चिन्हित कर रखा है। इसमें छह वन माफिया गोरखपुर जिले के हैं तथा 10 महराजगंज जिले के। वन विभाग माफिया की सूची तैयार कर संबंधित जिले के पुलिस कप्तान को भेज देता है।

Satish Chand ShuklaMon, 14 Jun 2021 08:30 PM (IST)
अपराध से संबंधित प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो, जेएनएन।

गोरखपुर, जेएनएन। जंगल में पेड़ों की कटान करने और कराने वाले माफिया, वन विभाग के निशाने पर हैं। गोरखपुर वन प्रभाग में पहले से चिन्हित 16 वन माफिया पर कार्रवाई के लिए प्रभागीय वनाधिकारी ने पुलिस को पत्र लिखा है। साथ ही विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई की अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति जब्त करने की सिफारिश की है।

वन सुरक्षाकर्मियों की लाख कोशिशों के बाद भी पेड़ों की कटान रुक नहीं रही है। गोरखपुर वन प्रभाग के जंगलों में आए दिन कटान होती रहती है। कटान के समय वन सुरक्षाकर्मी यदि कभी मौके पर पहुंच भी जाते हैं तो अत्याधुनिक असलहों से लैस वन माफिया उन पर हमला करने से भी नहीं हिचकते। पिछले साल लकड़ी तस्करों ने कुसम्हीं जंगल में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी डीएन पांडेय पर प्राणघातक हमला कर दिया था। हालांकि बाद में इस मामले में पुलिस ने वन माफिया शिवसरन और शेषमणि को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उनके विरुद्ध रासुका की कार्रवाई भी की गई थी लेकिन जंगल में होने वाली कटान जारी रही।

गोरखपुर में छह व महराजगंज में 10 माफिया हैं चिन्हित

वन विभाग ने दो साल में 16 वन माफिया चिन्हित कर रखा है। इसमें छह वन माफिया गोरखपुर जिले के हैं तथा 10 महराजगंज जिले के। वन विभाग माफिया की सूची तैयार कर संबंधित जिले के पुलिस कप्तान को भेज देता है। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी अविनाश कुमार ने सक्रिय माफिया की सूची गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और महराजगंज के पुलिस अधीक्षक को भेजकर उनके विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।

नए वन माफिया भी किए जा रहे चिन्हित

सूचीबद्ध किए गए 16 वन माफिया के अलावा प्रभागीय वनाधिकारी ने सभी रेंजरों को नए माफिया को चिन्हित करने का निर्देश दिया है। ताकि उन्हें औपचारिक रूप से वन माफिया घोषित कर कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा जा सके। प्रभागीय वनाधिकारी अविनाश कुमार का कहना है कि वन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई के लिए गोरखपुर और महराजगंज जिले की पुलिस को लिखा गया है। ताकि पेड़ों की कटान रोकी जा सके। नए वन माफिया चिन्हित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

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