143 पीएम आवास अधूरे, लाभार्थियों से होगी वसूली

दो किश्त मिलने के बाद भी लाभार्थियों ने छत तक नहीं बनवाया दीवार

JagranFri, 18 Jun 2021 09:30 PM (IST)
143 पीएम आवास अधूरे, लाभार्थियों से होगी वसूली

संतकबीर नगर: डीएम, सीडीओ व पीडी-डीआरडीए की सख्ती के बाद भी पिछले चार वित्तीय सत्र 143 प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) अब भी अधूरे हैं। जबकि इन लाभार्थियों को तीन में से दो किश्त मिल चुकी है। कई बार चेतावनी के बाद भी इन लाभार्थियों ने आवास पूर्ण रूप से नहीं बनाया। अब विकास महकमा ऐसे लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की वसूली करेगा। पैसा वापस नहीं लौटाने वाले के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। इसकी तैयारियां चल रही हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास बनाने के लिए प्रत्येक लाभार्थी को पहली-40 हजार रुपये, दूसरी-70 हजार रुपये तथा तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इस प्रकार प्रत्येक लाभार्थी को आवास बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये मिलते हैं। जनपद में ऐसे भी लाभार्थी हैं, जो दूसरी किश्त पा चुके हैं, लेकिन ये सिर्फ नींव तक ही काम कराए हैं। वहीं कुछ ने नींव चलाने के बाद थोड़ी दो-तीन फीट ऊंची दीवार भी चलाई है। जबकि नियमानुसार पहली किश्त से नींव और दूसरी किश्त से छत

स्तर तक दीवार का काम पूर्ण हो जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पीडी डीआरडीए की जांच में ऐसे 143 लाभार्थी चिह्नित हुए हैं। इसमें वित्तीय सत्र 2016-17 के 31, 2017-18 के 28, 2018-19 के नौ तथा 2019-20 के 75 लाभार्थी शामिल हैं। गांव में तैनात पंचायत सचिव यदि बीच-बीच में गांव में जाकर निर्माण कार्य की जांच करते और लाभार्थियों को टोकते तो यह नौबत न आती। तमाम पंचायत सचिव ब्लाक मुख्यालय में बैठकर गांवों का काम निपटाते हैं। जांच का भय न होने की वजह से आवास बनवाने के बजाय लाभार्थियों ने सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर लिया। बहरहाल अब विकास महकमा इन लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की वसूली करेगा। यदि इन लाभार्थियों ने आवास के दोनों किश्त का पैसा जल्द नहीं लौटाया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। यदि पंचायत सचिव नियमित रूप से निर्माण कार्यों की जांच करते तो शायद यह स्थिति न आती। इनके जांच न करने की वजह से 143 प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) अधूरे हैं। पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रमोद कुमार यादव,पीडी डीआरडीए

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.