सरयू-मनोरमा के बीच विकास की नई इबारत लिख सकता यह कॉरीडोर

सरयू-मनोरमा के बीच विकास की नई इबारत लिख सकता यह कॉरीडोर

गोंडा-बस्ती जिले के सीमावर्ती गांवों को शामिल करने के प्रस्ताव पर रखी मांग

Publish Date:Fri, 31 Jul 2020 10:48 PM (IST) Author: Jagran

चित्र परिचय : 31 जीएनडी 21, 22 व 23 गोंडा : अयोध्या में अब जबकि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का सपना साकार होने जा रहा है, ऐसे में आसपास के क्षेत्रों के विकास की आस जगी है। इसी आस में सरयू-मनोरमा (मनवर) नदी के बीच राम अवतरण कॉरीडोर की मांग उठी है। बस्ती जिले के भाजपा विधायक अजय सिंह की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। विधायक ने इसमें अयोध्या जिले के उस प्रस्ताव का हवाला दिया है जिसमें गोंडा-बस्ती जिले के लगभग डेढ़ सौ गांवों को अयोध्या में शामिल किए जाने की बात कही गई है। विधायक का कहना है कि इस क्षेत्र में दोनों नदियों के बीच राम अवतरण गलियारा विकसित किया जाए, जिससे समूचे क्षेत्र का विकास होने के साथ ही श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सकेगा। विधायक का कहना है कि उनके क्षेत्र में मखौड़ा धाम है, जो भगवान राम के मूल से जुड़ा है।

मनवर नदी गोंडा जिले के तिर्रे तालाब से निकली है। यह जिले के विभिन्न क्षेत्रों से होकर बस्ती जिले की सीमा में पहुंची है। वहां हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में इसी नदी के किनारे मखौड़ा धाम है। पौराणिक कथाओं के अनुसार अयोध्या के महाराजा दशरथ ने त्रेता युग में इसी स्थान पर श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था। इसके बाद राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न का जन्म हुआ था। सैंकड़ों साल बाद श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। ऐसे में अयोध्या को विकसित करने के लिए पड़ोसी जिलों के करीबी गांवों को शामिल किए जाने पर विचार हो रहा है। ऐसे में बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अजय सिंह ने भगवान राम के मूल (यज्ञ किए जाने के कारण) से लेकर जन्मभूमि तक गलियारा विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा है। इनका कहना है कि ऐसा होने से सरयू-मनोरमा के बीच उपेक्षित क्षेत्रों को विकसित किया जा सकेगा। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को इन जिलों में भी स्थित धार्मिक स्थलों के बारे में जानने व जुड़ने में आसानी होगी। विधायक ने यह भी बताया कि करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से मखौड़ाधाम का विकास कराया जा रहा है। धर्मशाला, घाट, आदि बनकर तैयार हो चुका है। मालूम हो कि यह क्षेत्र अयोध्या की चौरासीकोसी परिक्रमा परिधि में भी आता है। इसका विकास होने से आसपास के धार्मिक स्थल सीधे अयोध्या से जुड़ जाएंगे। साथ ही विकास की नई इबारत भी लिखी जा सकेगी। गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल में ही विकास की योजना ने चौरासीकोसी परिक्रमा पथ को भी शामिल कर लिया है। इसके तहत टू व फोरलेन मार्ग बनाया जाएगा।

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