खाद्यान्न वितरण की आख्या न देने में फंसे 16 शिक्षाधिकारी, रिपोर्ट तलब

खाद्यान्न वितरण की आख्या न देने में फंसे 16 शिक्षाधिकारी, रिपोर्ट तलब

गोंडा छात्रों को एमडीएम का खाद्यान्न वितरित कराने की आख्या न देने मिलने वाली शिकायतों को संज्ञान लिया।

JagranThu, 04 Mar 2021 10:53 PM (IST)

संसू, गोंडा : छात्रों को एमडीएम का खाद्यान्न वितरित कराने की आख्या न देने में 16 ब्लॉकों के शिक्षाधिकारी फंस गए हैं। इन्होंने बीएसए ने छह पत्रों का जवाब ही नहीं दिया है। अब इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जवाब तलब किया है।

शासन ने परिषदीय स्कूलों में नामांकित छात्रों को कोरोना काल के साथ ही अवकाश अवधि के 49 दिनों का खाद्यान्न व कनवर्जन कास्ट के भुगतान का आदेश दिया था। हालांकि, इसी बीच दिसंबर में प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। इस पर विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से मध्यान्ह भोजन योजना का खाता संचालित करके कनवर्जन कास्ट के भुगतान का करने को कहा गया था लेकिन, यहां कई स्कूलों में अभी तक खाता संचालित नहीं है। कोटेदारों से छात्रों को राशन दिलाने को कहा गया था। खंड शिक्षा अधिकारियों से कोटेदारों के सहयोग न करने व व्यवधान को लेकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। इससे संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाती है। इन सबको लेकर 26 नवंबर से 15 फरवरी तक छह पत्र भेजा गया। बीईओ से आख्या मांगी गई लेकिन, ब्लॉकों से कोई जवाब नहीं आया। अब इसको लेकर अफसरों ने सख्त रूख अपनाया है।

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77 शिक्षकों को किया गया कार्यमुक्त, सात रहे अनुपस्थित

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संसू, गोंडा : लंबे समय से पारस्परिक स्थानांतरण की बाट जोह रहे 77 शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया गया। बीएसए ने एक-एक अध्यापक को कार्यमुक्त आदेश प्रदान किया। इससे उनके चेहरे खिल उठे। सात अध्यापक अनुपस्थित रहे।

बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 84 शिक्षकों ने अंतर जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इसमें कर्नलगंज, हलधरमऊ व मुजेहना के पांच-पांच, कटरा बाजार, रुपईडीह, तरबगंज व परसपुर के सात-सात शिक्षक थे। इसके अलावा झंझरी के दो, छपिया के आठ, बभनजोत व मनकापुर के एक-एक, नवाबगंज के चार, इटियाथोक व बेलसर के छह-छह, पंडरीकृपाल व वजीरगंज के तीन-तीन शिक्षकों ने आवेदन किया था। शासन ने इनको कार्यमुक्त करने का आदेश दिया था लेकिन, उसी बीच यहां शिक्षकों से वसूली के आरोप में तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को निलंबित कर दिया। इससे अध्यापक कार्यमुक्त नहीं हो सके थे। डीएम मार्कण्डेय शाही ने देवीपाटन मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को बीएसए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। इसके बाद विभागीय कार्रवाई प्रारंभ हुई। तीन मार्च को शिक्षकों के पत्रावली की जांच की गई। इसके बाद गुरुवार को कार्यमुक्त कर दिया गया है। बीएसए विनय मोहन वन ने बताया कि अध्यापकों को संबंधित जिले के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।

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