वलियों का एहतराम दुनिया में कामयाबी की जमानत

नबी की सुन्नत व वलियों के बताए हुए रास्ते पर चलकर दुनिया व आखरत दोनों संवर सकती है। इससे जिसने मुंह मोड़ा वह कहीं का नहीं रहा।

JagranMon, 29 Nov 2021 05:18 PM (IST)
वलियों का एहतराम दुनिया में कामयाबी की जमानत

जागरण संवाददाता, भदौरा (गाजीपुर) : नबी की सुन्नत व वलियों के बताए हुए रास्ते पर चलकर दुनिया व आखरत दोनों संवर सकती है। इससे जिसने मुंह मोड़ा वह कहीं का नहीं रहा। बारा गांव स्थित हाजी साहब वाली मस्जिद में रविवार की रात आयोजित जश्ने गौसे आजम जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना नूर मोहम्मद नूरी ने यह बातें कहीं।

कहा कि दुनिया का सारा इल्म कुरआन में है, लेकिन हमारे पास इसे पढ़ने व समझने का वक्त नहीं है। इंटरनेट के दौर में नई नस्ल राह से भटक रही है। उन्होंने गौसे आजम की जिदगी को मिसाली बताते हुए कहा कि कुरआन व सुन्नत पर अमल कर आपने इतना बुलंद मुकाम हासिल कर लिया कि अभी भी सैकड़ों साल के बाद भी उन्हें याद किया जाता है। इससे पहले दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा गौसिया बारा के प्रिसिपल मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी ने ग्यारहवीं शरीफ की फजीलत बयान की। उन्होंने कहा कि गौसे आजम ने बचपन में ही अपनी ईमानदारी व

नेक नीयती से लोगों का दिल जीत लिया था। यही वजह है कि उन्हें वलियों के सरदार का दर्जा हासिल हुआ। जलसे का आगाज तिलावते कुरआन से किया गया। शायर हाफिज इब्राहीम, असलम खां, सैयद कासिम, खालिद खां ने नातो मनकबत का नजराना पेश कर गौसे आजम के प्रति अपनी अ़कीदत व मोहब्बत का इजहार किया। संचालन हाफिज जाकिर ने किया।

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