जमीन में दफन हो रहे सालिड वेस्ट मैनेजमेंट

जासं, गाजीपुर : नगर में रोजाना निकलने वाले सालिड वेस्ट भूमि के अंदर एक साथ ही दफन हो जा रहे हैं। इसके लिए नगरपालिका ने अलग-अलग हरे-नीले डस्टबिन बांट कर अलग-अलग कूड़ा रखने की योजना शुरू की और नगरवासियों को इसके लिए प्रेरित भी किया। वाहनों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी शुरू किया लेकिन नागरिक एक ही डस्टबिन में सभी प्रकार के कूड़े डाल रहे हैं। अलग-अलग नहीं होने से उनका निस्तारण एक ही साथ हो रहा है। नतीजा भूमि के नीचे नष्ट न होने से सालिड वेस्ट पर्यावरण के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में यह स्थिति खतरनाक साबित होगी।

नगर में प्रतिदिन 45 टन कूड़ा निकलता है। उनके अलग-अलग नहीं होने से नगरपालिका उनका निस्तारण एक ही स्थान पर करती है। हालांकि इसके लिए प्रयास शुरू हुआ था और लोगों को अलग-अलग कूड़ा एकत्र कर कूड़ा वाहन में देने की सलाह दी गई थी। इसके लिए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर हरे-नीले डस्टबिन का वितरण किया गया लेकिन लोगों ने उसमें कूड़ा रखने के बजाय उसे अन्य कामों में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। नतीजा नगरपालिका का सारा प्रयास बेकार साबित हो रहा है। इससे परेशान कर्मचारियों ने जस का तस उसका निस्तारण शुरू कर दिया। नतीजा सालिड वेस्ट भूमि के अंदर नष्ट न होने से उसका नुकसान भू-गर्भ जलस्तर को हो रहा है।

------- कूड़ा बढ़ा रहा तापमान

: जगह-जगह पड़ा कूड़ा महज गंदगी का कारण ही नहीं बन रहा बल्कि तमाम भूजल स्त्रोतों एवं उपजाऊ मिट्टी को भी बर्बाद कर रहा है। भूमि के अंदर दबे सालिड वेस्ट बारिश के पानी को भू-गर्भ में जाने से भी रोक रहा है। इसके अलावा कूड़ा में जैविक कचरा भी मौजूद रहता है इसके सड़ने से ग्रीन हाउस मिथेन गैस निकलती है। मिथेन सूर्य से आने वाली गर्मी को कार्बनडाई आक्साइड के मुकाबले कई गुना अधिक सोखती है। यही कारण है कि पृथ्वी के बढ़ते तापमान का कारण भी अवैज्ञानिक निस्तारण ही माना जा रहा है। लोगों में जागरुकता की कमी

: सालिड वेस्ट को अलग-अलग निस्तारित करने के लिए नगरपालिका ने डस्टबिन का वितरण किया। इसके अलावा लोगों से कूड़ा अलग-अलग रखकर देने का आह्वान किया लेकिन लोगों के जागरुकता की कमी के चले इसका कोई असर नहीं पड़ा। सभी कूड़ा एक साथ मिलने से अलग-अलग निस्तारित करना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि इतनी जल्दी निराश होने की जरूरत नहीं है। नगरपालिका का प्रयास जारी है। इसे अलग-अलग निस्तारित किया जाएगा। - उमेश चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका सदर।

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