कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

जागरण संवाददाता गाजीपुर कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं।

JagranTue, 11 May 2021 03:55 PM (IST)

जागरण संवाददाता, गाजीपुर : कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंफेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इस संक्रमण को ब्लैक फंगस' के नाम से भी जाना जाता है।

एसीएमओ डा. प्रगति कुमार ने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है, जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है, वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हल्के लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। कोविड के रोगियों में अगर बार-बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकत्ते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पड़ जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, कम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है।

कोरोना मरीजों को ज्यादा खतरा

-डा. प्रगति कुमार ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस आमतौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाता है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। इस तरह के इक्का दुक्का मरीज गाजीपुर में भी देखने को मिल रहे हैं। दरअसल कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, इसलिए वह आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है। यह संक्रमण सांस द्वारा नाक के जरिये व्यक्ति के अंदर चला जाता है, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनको यह जकड़ लेता है।

लक्षण

- नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए।

- नाक में सूजन।

- दांत या जबड़े में दर्द हो या दांत गिरने लगे।

- आंखों के सामने धुंधलापन या दर्द, बुखार हो।

- सीने में दर्द, सिर दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टियां होना, कभी-कभी दिमाग पर भी असर होता है। इन रोगियों में पाया गया है ज्यादा

- जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है।

- जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉयड लिया हो।

- काफी दिन आईसीयू में रहे रोगी।

- ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी।

ऐसे बचें

- किसी निर्माणाधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें।

- बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व ग्लब्स पहनें।

- ब्लड ग्लूकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें।

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