फर्नीचर व्यवसायी की गोली मारकर हत्या

जागरण संवाददाता जंगीपुर (गाजीपुर) रविवार की सुबह बाइक सवार बदमाशों ने फर्नीचर व्यवसायी

JagranPublish:Sun, 24 Oct 2021 05:58 PM (IST) Updated:Sun, 24 Oct 2021 05:58 PM (IST)
फर्नीचर व्यवसायी की गोली मारकर हत्या
फर्नीचर व्यवसायी की गोली मारकर हत्या

जागरण संवाददाता, जंगीपुर (गाजीपुर) : रविवार की सुबह बाइक सवार बदमाशों ने फर्नीचर व्यवसायी जितेन्द्र यादव (28 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात जंगीपुर थाना क्षेत्र के यादव मोड़ के पास करकापुर (खलिसापुर)में हुई।

घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर असलहा लहराते फरार हो गए। इस वारदात से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जगह-जगह चेकिग शुरू किया लेकिन हत्यारे पकड़ में नहीं आ सके। जितेंद्र के बड़े सुरेंद्र यादव ने उसके साले समेत रिश्तेदारों के विरूद्ध एफआइआर दर्ज कराई है।

जितेंद्र यादव की जंगीपुर में फर्नीचर की दुकान है। प्रतिदिन की तरह रविवार को भी वह बाइक से अपनी दुकान खोलने निकले। वह जंगीपुर बाजार में यादव मोड़ के पास पहुंचे ही थे कि बदमाशों ने उसकी कनपटी में गोली मार दी और भाग निकले। गोली से घायल जितेंद्र जमीन पर गिर पडे़। पुलिस आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे से स्वजनों में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल में शव देखकर स्वजन दहाड़ मारकर रोने-बिलखने लगे। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने तत्काल वायरलेस करते हुए सभी चट्टी-चौराहों पर चेकिग कराने का निर्देश दिया। पुलिस तत्काल चौकन्ना हो गई लेकिन हत्यारे पकड़ में नहीं आ सके। जंगीपुर थानाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह को तत्काल हत्यारोपितों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया।

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धड़ाधड़ बंद हो गईं बाजार की दुकानें

: हमलावरों ने जितेंद्र यादव को करीब 10:55 बजे गोली मारी। इस समय बाजार में काफी चहल-पहल थी। गोली मारने की घटना के बाद सभी दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद हो गए। ठेला वाले भी इधर-उधर भाग निकले। पूरे बाजार में सन्नाटा पसर गया।

--- करीब 50 मीटर की दूरी पर है थाना

: हमलावरों ने जहां हत्या की घटना को अंजाम दिया है, उससे करीब 500 मीटर दूरी पर ही जंगीपुर थाना भी है। बावजूद इसके हत्या जैसे संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फोरलेन पकड़कर फरार हो गए। पुलिस को जब तक इसकी जानकारी हुई, तब तक वह काफी दूर चले गए थे। वहां अक्सर पुलिस भी तैनात रहती है लेकिन घटना के समय कोई नहीं था।

--- पत्नी के भाई ने दी थी धमकी

: जितेंद्र की शादी तीन वर्ष पूर्व 2018 में शहर कोतवाली के सेमरा गांव निवासी युवती से हुई थी लेकिन कुछ दिन बाद ही दोनों में अनबन हो गई। मामला काफी आगे बढ़ गया और बीते करीब अगस्त माह में दोनों में अलगाव हो गया। इसको लेकर युवती का भाई अरविद यादव काफी नाराज था। उसने उसी समय फोन कर जितेंद्र को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इससे स्वजन को आशंका है कि उसी ने हत्या कराई है। मृतक के बड़े भाई सुरेंद्र यादव ने तहरीर भी इसी आधार पर दी है।

---- एक सप्ताह पूर्व तय हुई थी दूसरी शादी

: जितेंद्र यादव की दूसरी शादी एक सप्ताह पूर्व दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से तय हुई थी। स्वजनों का कहना है कि अरविद यादव को इसकी जानकारी हो गई थी। आरोप है कि इसी के बाद उसने हत्या को अंजाम देने की साजिश रची। बहरहाल यह जांच का विषय है।

--- रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ

: हत्या के बाद पुलिस ने तत्काल दबिश देना शुरू कर दिया। अरविद यादव के रिश्तेदारी में छापेमारी की गई। इस दौरान कइयों को उठाकर पुलिस पूछताछ भी कर रही है। हालांकि इस बारे में पुलिस अभी कुछ बता नहीं रही है।

--- सात भाइयों में छठवें नंबर पर था जितेंद्र

: मृत जितेंद्र यादव सात भाइयों में छठवें नंबर पर थे,सबसे बड़ा भाई सोनू यादव निजी कंपनी में काम करता है। मुन्ना यादव खलिसापुर में फर्नीचर की दुकान करते हैं। सुरेंद्र यादव कालेज चलाते हैं। रविद्र की देवकठियां में फर्नीचर की दुकान है। योगेंद्र बुजुर्गा में बीज की दुकान किए हैं। सबसे छोटा भाई उपेंद्र यादव और पिता सकलू यादव घर पर ही रहते हैं। जितेंद्र की मौत के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ उनके दरवाजे पर लगी रही, सभी स्वजन का ढांढस बंधाते रहे।

--- वर्जन

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पुलिस छानबीन कर रही है। यह तथ्य प्रकाश में आया है कि मृत जितेंद्र यादव का अपनी पत्नी से करीब दो माह पहले अलगाव हो गया था। शादी के टूटने से मृतक का साला अरविद यादव नाराज था। उसने जान से मारने की धमकी भी दी थी। मृतक के बड़े भाई ने अरविद यादव व उसके परिवार के सदस्यों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। अपराधियों की धर-पकड़ के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही हैं। जल्द ही सभी पुलिस के गिरफ्त में होंगे।

- रामबदन सिंह, पुलिस अधीक्षक।