पीपा पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त आवागमन ठप

पीपा पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त आवागमन ठप

जागरण संवाददाता मुहम्मदाबाद (गाजीपुर) क्षेत्र के बच्छलपुर-रामपुर पीपा पुल का एप्रोच सोमवार

JagranMon, 19 Apr 2021 07:23 PM (IST)

जागरण संवाददाता, मुहम्मदाबाद (गाजीपुर) : क्षेत्र के बच्छलपुर-रामपुर पीपा पुल का एप्रोच सोमवार को सुबह टूटकर क्षतिग्रस्त होने से आवागमन ठप हो गया। कुछ देर तक दो पहिया वाहन चालक किसी तरह जोखिम लेकर आवागमन करते रहे। विभागीय कर्मियों की मानें तो एप्रोच मरम्मत के लिए लकड़ी का स्लीपर आदि सामान न होने व ठेकेदार की ओर सामान उपलब्ध न कराए जाने की समस्या के चलते मरम्मत कार्य में काफी विलंब हो सकता है। पंचायत चुनाव व वैवाहिक कार्यक्रम के साथ ही दियारे में खेती किए किसानों के सामने मड़ाई कर अनाज को घर तक लाना मुश्किल नजर आ रहा है।

इलाके से जमानियां, सेवराई तहसील क्षेत्र के साथ ही बिहार के विभिन्न गांवों तक आवागमन के लिए शासन की ओर से बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया। इस वर्ष प्राकृतिक कारणों से पुल को तीन भाग में बनाया गया। मुख्य धारा में बीच के बने पुल के पास कटान के चलते काफी दिनों तक आवागमन सुचारु नहीं हो सका, काफी प्रयास कर धारा मोड़कर किसी तरह पुल को चालू किया गया। नट बोल्ट व लकड़ी के स्लीपर की कमी के चलते रेलिग तक का निर्माण नहीं हो सका, वहीं बालू में लगाए गए लोहे की चादरों के तितर-बितर होने से लोग किसी तरह आवागमन करते रहे। सुबह अचानक एक ट्रैक्टर-ट्राली के पार करते समय बीच के पुल का बच्छलपुर सिरे का एप्रोच टूट गया। इससे काफी देर पुल से पैदल तक आवागमन बाधित रहा। किसी तरह ट्राली को हटाने बाद दो पहिया वाहन सवार आवागमन शुरू किए। हालांकि दोपहर बाद इसे बंद कर दिया गया। एप्रोच मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग के मेठ विजय यादव व अशोक राय ने बताया कि लकड़ी का स्लीपर व अन्य सामान मंगाने को लेकर ठेकेदार की ओर से किसी तरह का सहयोग नहीं किया जा रहा है। जरूरत का सामान भी नहीं आपूर्ति कर रहा है। जब तक सामान की व्यवस्था नहीं हो जाएगा तब तक मरम्मत संभव नहीं है। सहायक अभियंता विशाल सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सामान आदि की व्यवस्था कराकर शीघ्रातिशीघ्र मरम्मत कराया जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.