18 करोड़ का टेंडर निरस्त, फिर से लिए जाएंगे प्रस्ताव

18 करोड़ का टेंडर निरस्त, फिर से लिए जाएंगे प्रस्ताव

सर्वेश कुमार मिश्र ---------------- जागरण संवददाता गाजीपुर जिला पंचायत का 1

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 08:52 PM (IST) Author: Jagran

सर्वेश कुमार मिश्र

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जागरण संवददाता, गाजीपुर : जिला पंचायत का 18 जनवरी को 18 करोड़ का होने वाला टेंडर निरस्त कर दिया गया है। इस पर नए सिरे से प्रस्ताव लेकर टेंडर कराया जाएगा। जागरण की खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद ने शनिवार को यह निर्णय किया। इससे महकमें हलचल मची हुई है। इतना ही नहीं, हाल में हुए 16 करोड़ के टेंडर पर भी जांच की तलवार लटक रही है।

समाप्त होते कार्यकाल के बीच जिला पंचायत ने जिस तरीके से कार्यों के भुगतान और टेंडर में तेजी दिखाई वह उसके लिए परेशानी का सबब बन गया। दैनिक जागरण ने 13 जनवरी के अंक में 'जिपं में घपले की बू, बाबू तक ने दिया है प्रस्ताव' शीर्षक से पेज नंबर 6 पर खबर प्रकाशित कर महक मे का ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर जिलाधिकारी ने एक्शन लेते हुए संबंधितों से फाइल तलब की। प्रथम दृष्ट्या घपले की बू पर उन्होंने सख्त कदम उठाते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। एक तो तमाम उन लोगों ने प्रस्ताव दे रखे थे जो यह नहीं कर सकते थे, दूसरे जिम्मेदारों ने इसकी शर्तें इस तरह बनाईं थी कि जिससे वह जिसे चाहें उसे ही टेंडर मिल सके। डीएम ने फाइल तलब करते हुए संबंधितों को साफ चेताया। कहा, जल्द ही नए सिरे से इसके लिए प्रस्ताव लिए जाएंगे। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ भी कड़ी कारईवाई होगी। विदित हो कि जिलाधिकारी बगैर कार्य के सत्यापन के जिला पंचायत के भुगतान पर भी रोक लगा चुके हैं। नए सिरे से लिए जाएंगे प्रस्ताव

- टेंडर डालने से पहले कार्य के लिए प्रस्ताव को लेकर स्टीमेट तैयार होता है। इसके बाद सदन में इस पर चर्चा होती है। वहां से इसके अनुमोदन के बाद टेंडर होता है, लेकिन यहां सब कुछ ताक पर रखकर किया गया। कुछ इसी तरह की शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी ने हाल ही में इस टेंडर को रोककर इसकी तिथि को आगे बढ़ा दिया था। 14 जनवरी को होने वाले इस टेंडर प्रक्रिया की तिथि 18 जनवरी कर दी गई थी लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बतौर प्रशासक कामकाज देख रहे जिलाधिकारी ने इस पर नए सिरे से प्रस्ताव का निर्देश दिया है।

जिन्हें अधिकार नहीं उसने भी दे रखा है प्रस्ताव

तमाम ऐसे लोग प्रस्ताव करने वालों में हैं जिन्हें यह अधिकार है ही नहीं। अपर मुख्य अधिकारी ने लाखों रुपये के करीब दर्जन भर कार्यों का प्रस्ताव दिया है, जबकि यह प्रस्ताव नहीं दे सकते। इसी तरह जेई ने भी आधा दर्जन कार्यों का प्रस्ताव दिया है। इतना ही नहीं, लिपिक तक ने बकायदा कई कार्यों का प्रस्ताव दे रखा है। आरोप है कि इन प्रस्ताव के पीछे कमीशन का बड़ा खेल है।

- जिला पंचायत के 18 जनवरी को 18 करोड़ के होने वाले टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। नए सिरे से प्रस्ताव लेकर जल्द ही टेंडर की अगली तिथि निर्धारित की जाएगी। शासन के गाइड लाइन के मुताबिक शर्तों को सरल किया जाएगा जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहभागिता इसमें हो सके।

- मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी।

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