top menutop menutop menu

कारोबारी की कार खड़ी कर दूसरी कार से भागे गए बदमाश

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन से 26 जून की रात कंस्ट्रक्शन कारोबारी विक्रम त्यागी के अपहरण कांड के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिस स्थान से कार बरामद की गई, वहां से कुछ दूरी पर खेतों की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक अन्य गाड़ी के पहियों के निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि बदमाश कारोबारी की गाड़ी खड़ी कर दूसरी गाड़ी से भागे हैं। पुलिस की एक टीम उत्तराखंड में भी गई है।

बता दें कि राजनगर एक्सटेंशन की केडीपी ग्रैंड सवाना सोसायटी में पत्नी निधि, बेटा व बेटी के साथ रहने वाले विक्रम जीडीए के ठेकेदार संजय त्यागी के भतीजे हैं और चाचा व तीन चचेरे भाइयों के साथ कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं। 26 जून को पटेलनगर स्थित कार्यालय से घर लौटते समय वह संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। चचेरे भाई अक्षय त्यागी ने थाना सिहानी गेट में उनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मेरठ-मुजफ्फरनगर के बॉर्डर पर खतौली में भंगेला चेक पोस्ट पर 26 जून की आधी रात के बाद एक बजे पुलिस ने विक्रम की कार को रोका था, लेकिन कार में वह नहीं थे। कार में सवार दो लोग खुद को दिल्ली पुलिस से बता बैरिकेड गिराकर भाग गए थे। 13 घंटे बाद कार तितावी से लावारिस हालत में मिली थी, जिसकी आरसी के साथ नंबर प्लेट भी बदमाशों ने फेंक दी थीं। जिस रास्ते पर दूसरी गाड़ी के पहिये मिले हैं। उसकी जांच की जा रही है कि पहिये किस गाड़ी के हो सकते हैं।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस कड़ियां जोड़ने में लगी है। कारोबारी के करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.