मुख्यमंत्री तक पहुंचा गाजियाबाद में कूड़े की समस्या का मामला

जासं गाजियाबाद 52 दिन से गाजियाबाद के कूड़े के निस्तारण को लेकर हापुड़ और गाजियाबाद

JagranTue, 09 Nov 2021 06:48 PM (IST)
मुख्यमंत्री तक पहुंचा गाजियाबाद में कूड़े की समस्या का मामला

जासं, गाजियाबाद : 52 दिन से गाजियाबाद के कूड़े के निस्तारण को लेकर हापुड़ और गाजियाबाद प्रशासन के बीच चल रही कशमकश का मामला अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंच गया है। महापौर आशा शर्मा ने दो पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। ये है विवाद हापुड़ के गालंद गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने तीन साल पहले 43 एकड़ जमीन अधिगृहीत की थी। यहां पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनना प्रस्तावित है। नीदरलैंड की कंपनी से शासन स्तर पर करार हुआ है। कंपनी कूड़े से बिजली बनाएगी। इसके लिए कंपनी को कूड़ा चाहिए, लेकिन गालंद में कूड़ा डालने का धौलाना विधायक असलम चौधरी सहित आसपास के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। लगातार पंचायत की जा रही है। समस्या के समाधान के लिए हापुड़ और गाजियाबाद के जिला प्रशासन के अधिकारियों की दो दौर की वार्ता विफल साबित हुई है। अभी यह है स्थिति भाजपा विधायक अजितपाल त्यागी और स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण 28 सितंबर को राजनगर एक्सटेंशन में डंपिग ग्राउंड बंद कर दिया गया था। इसके बाद नगर निगम ने गालंद में अधिगृहीत जमीन पर कूड़ा डालने की योजना बनाई तो विरोध हो गया। जिस कारण शहर में कूड़ा उठना बंद हो गया। सड़कों पर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नगर निगम ने मकरेड़ा में जमीन किराये पर ली लेकिन वहां भी जबरदस्त विरोध हुआ। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तीन दिन पहले पाइपलाइन मार्ग पर भिक्कनपुर गांव के पास कूड़ा डालने का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन वहां भी लोग विरोध कर रहे हैं, जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। सड़कों पर कई जगह अब भी कूड़े के ढेर लगे हैं। जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। त्योहारों के वक्त भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने से लोगों में नाराजगी है। मुख्य बिदु

शहर में रोजाना 1500 टन कूड़ा उत्सर्जित होता है।

200 टन कूड़े के निस्तारण के लिए महज एक गार्बेज फैक्ट्री है।

1300 टन कूड़े के निस्तारण के लिए कोई इंतजाम नहीं है।

गालंद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनने तक नगर निगम वहां कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाना चाहता है

गालंद में कूड़ा निस्तारण केंद्र नहीं बनने पर शहर में कूड़े के पहाड़ बन जाएंगे। बयान गालंद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए जमीन अधिगृहीत की गई है। वहां नीदरलैंड की कंपनी कूड़े से बिजली बनाएगी, इसका विरोध किया जा रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्या का समाधान कराने में मदद मांगी गई है। - आशा शर्मा, महापौर लोगों को परेशानी न हो, इसलिए कूड़ा निस्तारण की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सड़कों से कूड़ा उठाया जा रहा है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किया जा रहा है।

- महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त

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