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तलाशी जा रही थीं जिदगियां, निकल रहे थे शव

तलाशी जा रही थीं जिदगियां, निकल रहे थे शव
Publish Date:Sun, 05 Jul 2020 10:03 PM (IST) Author: Jagran

संजीव वर्मा, मोदीनगर :

बचाओ-बचाओ, इधर आ जाओ.. चीखने चिल्लाने की यह आवाज घनी आबादी के बीच लगभग 500 गज में बने एक मकान से धुआं और आग की लपटों के बीच से सुनाई दे रही थी। दहशत और दर्द से दबी यह आवाज ग्रामीणों के कानों में पहुंच रही थी। हर कोई इस भयावह हालात को देख रहे थे। देखते ही देखते अंदर से आवाज आनी बंद आ गई। यह हालात बखरखा गांव में उस समय पैदा हुए जब अवैध रूप से संचालित एक पटाखा फैक्ट्री जिदगियों के लिए काल बन गई। आग झुलसकर दो युवतियों सहित आठ लोगों की मौत हो गई। जो चार महिलाएं जिदा हैं, वह भी अस्पतालों में जिदगी और मौत से लड़ रही हैं।

बखरवा गांव के मुख्य रास्ते पर आबादी के बीच नितिन चौधरी नामक व्यक्ति की पटाखा फैक्ट्री थी। रविवार दोपहर बाद धमाका हुआ। लगा जैसे कोई बम फट गया हो। ग्रामीणों के कदम धमाके की आवाज की ओर दौड़ पड़े। अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। सूचना पुलिस को दी गई। आनन-फानन में पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आग की लपटों को चीरते हुए दमकल कर्मी फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुए और जिदगियों को बचाने की कोशिश की। लेकिन, कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। मात्र चार महिलाओं को ही वह झुलसी हालत में बाहर निकाल पाए। आठ जिदगियों ने आग में झुलसने के कारण फैक्ट्री में ही दम तोड़ दिया था।

फैक्ट्री की पीछे वाली दीवार को जेसीबी से तोड़ा गया। इसके बाद एक बाद एक आठ शव फैक्ट्री परिसर से बाहर निकाले गए। बारूद के ढेर से निकाले गए लाशों को देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। शवों को एंबुलेंस के जरिए पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।

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