देवर से प्रेम-प्रसंग में पति को उतारा मौत के घाट

संवाद सहयोगी मोदीनगर 27 अक्टूबर को हुए हारून हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को पर्दाफ

JagranPublish:Sun, 31 Oct 2021 05:55 PM (IST) Updated:Sun, 31 Oct 2021 05:55 PM (IST)
देवर से प्रेम-प्रसंग में पति को उतारा मौत के घाट
देवर से प्रेम-प्रसंग में पति को उतारा मौत के घाट

संवाद सहयोगी, मोदीनगर :

27 अक्टूबर को हुए हारून हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया। वारदात को अंजाम हारून की पत्नी नरगिस व ममेरे भाई आस मोहम्मद ने मिलकर दिया था। इन दोनों के बीच पिछले चार साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने हारून की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित नरगिस व आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर उनसे आलाकत्ल हथियार व खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। सीओ मोदीनगर सुनील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित आस मोहम्मद मृतक हारून के मामा का लड़का है। इनके घर आसपास में ही स्थित हैं। उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना लगा रहता था। इस बीच आस मोहम्मद के हारून की पत्नी नरगिस के साथ संबंध हो गए। उनमें प्रेम-प्रसंग शुरू हो गए। लेकिन, इस बारे में हारून को भनक नहीं थी। वे एक-दूसरे से फोन पर बाते करते थे। चूंकि, हारून ड्यूटी के चलते पूरे दिन बाहर रहते थे। तो आस मोहम्मद और नरगिस का भी मिलना-जुलना लगा रहता था। इस बीच दोनों ने शादी करने का मन बनाया। लेकिन, उनके सामने हारून को हटाना बड़ी चुनौती थी। इसके लिए उन्होंने पंद्रह दिन पहले योजना बनाई और 27 अक्टूबर की रात आस मोहम्मद ने हारून को अपने घर पार्टी के लिए बुलाया। उसके पीछे नरगिस भी आस मोहम्मद के यहां पहुंच गई। वहां पहुंचते ही नरगिस ने खाट के पाएं से हारून के सिर पर वार कर दिया। वार इतना जोरदार था कि हारून बेहोश होने पर वहीं गिर पड़ा, इसके बाद आस मोहम्मद ने चाकू से उसका गला रेत दिया। बाद में शव ई-रिक्शा में रखकर मानकी गांव के खेतों में फेंक दिया। ई-रिक्शा व घर में पड़ा खून भी उन्होंने अपने कपड़ों से साफ कर दिया। आरोपित पंद्रह दिन से देख रहे थे मौका

- पुलिस के अनुसार, आरोपित पिछले पंद्रह दिनों से हारून की हत्या करने की फिराक में थे। उसकी प्रत्येक गतिविधि पर वे नजर रखे थे। रेकी कर उसकी दिनचर्या को भांप रहे थे। लेकिन, हर बार हारून बच जाता था। वारदात से तीन दिन पहले नरगिस व आस मोहम्मद मिले और पूरे हत्याकांड को अंजाम देने की योजना तैयार की। नरगिस के बयान बदलने से गहराया था शक

- नरगिस बार-बार अपने बयान बदल रही थी, इसलिए पुलिस को उसपर शक हुआ। हत्या वाले दिन उसने पुलिस को बताया कि हारून को किसी ने फोन कर अपने पास बुलाया था। इसके बाद तुरंत वह वहां से चला गया। जबकि, हारून की सीडीआर निकालने पर ज्ञात हुआ कि उस समय हारुन के पास तो कोई फोन आया ही नहीं है। इतना ही नहीं, नरगिस हारून पर गांव की महिला से अवैध संबंध का आरोप लगा रही थी। लेकिन, सीडीआर में पुलिस को किसी महिला का नंबर नहीं मिला। शक गहराने पर पुलिस ने जब नरगिस से सख्ताई से पूछा तो उसने सब उगल दिया। घर से ही बरामद हुए खून से सने कपड़े

आरोपितों ने घटना के समय जिन कपड़ों को पहना था, उन्हीं से उन्होंने हारून का खून साफ किया। ई-रिक्शा भी उन्होंने उन्हीं कपड़ों से साफ की। बाद में कपड़ों को मकान के पीछे से ही फेंक दिया। आरोपितों की निशानदेही पर कपड़े बरामद हो गए। यह था मामला

- 28 अक्टूबर की सुबह गांव आबिदपुर मानकी के खेतों में हारून का शव पड़ा मिला था। गला रेतकर उनकी हत्या की थी। मामले में हारून के भाई शाहरुख की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है।