संशोधित:::::बड़ा सवाल: लोगों के आत्मसम्मान और सेहत से खिलवाड़ कब तक

आयुष गंगवार गाजियाबाद रोटी पर थूकने के आरोपित तमीजुद्दीन को जमानत मिल गई है जबकि चिकन प्वाइंट का संचालक अभी भी फरार है। पुलिस मजबूर है क्योंकि इस मामले की सभी धाराएं जमानती हैं। मेरठ में बीते साल पकड़े गए नौशाद के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने रासुका लगाई थी लेकिन तीन माह बाद ही इसे रद करने के आदेश दे दिए गए। लगातार बढ़ रहे मामलों से अब आमजन में रोष बढ़ रहा है। लोग इस मामले में सख्त कार्रवाई और कानून में संशोधन की मांग कर रहे हैं।

JagranMon, 18 Oct 2021 08:01 PM (IST)
संशोधित:::::बड़ा सवाल: लोगों के आत्मसम्मान और सेहत से खिलवाड़ कब तक

आयुष गंगवार, गाजियाबाद: रोटी पर थूकने के आरोपित तमीजुद्दीन को जमानत मिल गई है, जबकि चिकन प्वाइंट का संचालक अभी भी फरार है। पुलिस मजबूर है, क्योंकि इस मामले की सभी धाराएं जमानती हैं। मेरठ में बीते साल पकड़े गए नौशाद के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने रासुका लगाई थी, लेकिन तीन माह बाद ही इसे रद करने के आदेश दे दिए गए। लगातार बढ़ रहे मामलों से अब आमजन में रोष बढ़ रहा है। लोग इस मामले में सख्त कार्रवाई और कानून में संशोधन की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों को होगा नुकसान : लोहियानगर निवासी विशाल कुमार का कहना है कि उन लोगों पर क्या गुजरी होगी, जिन्होंने उस दिन यहां का खाना खाया होगा। यह सीधे-सीधे लोगों के आत्मसम्मान से खिलवाड़ है। आरोपित को तुरंत जमानत मिल गई। कुछ दिन बाद चिकन प्वाइंट दोबारा खुल जाएगा। सरकार को इस दिशा में कड़े कदम उठाने चाहिए। सिहानी गांव निवासी सौरव त्यागी का कहना है कि ऐसी गिरी हरकत पर रोक लगनी जरूरी है। इसके लिए जो भी जरूरी हो, वह जल्द किया जाना चाहिए। नहीं खुली खाद्य सुरक्षा विभाग की नींद : इस मामले में सोमवार को भी खाद्य सुरक्षा विभाग का उदासीन रवैया देखने को मिला। नोटिस भेजने की बात कहने वाले अधिकारियों की नींद तीन दिन बाद भी नहीं खुली है। टीम ने चिकन प्वाइंट का मुआयना तक नहीं किया है। जिला अभिहित अधिकारी विनीत कुमार का कहना है कि चिकन प्वाइंट बंद है, तो क्या कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस नाम के होटल या ढाबे को विभाग में पंजीकरण नहीं है। सवाल है कि बिना लाइसेंस के 10 साल से चल रहे चिकन प्वाइंट के खिलाफ अब तक विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

वर्जन..

ऐसे मामले लगातार आ रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ गैर जमानती धारा का प्रविधान किया जाए, ताकि पुलिस भी अच्छे से पैरवी कर सके और आरोपितों को सख्त सजा दिलाकर अन्य के लिए नजीर पेश कर सके।

-कल्पना सिंह, अधिवक्ता। ----------- ये तो चंद मामले हैं, जिनमें लोग पकड़े गए। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कानून में संशोधन की जरूरत हो तो वह तुरंत करना चाहिए। लोग भी सावधान रहें और हो सके तो ऐसे व्यक्तियों से खाना न बनवाएं।

-नारायण गिरी, महंत, दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर।

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