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रेलवे के अवैध ई-टिकट बेचने वाला दबोचा

हसीन शाह, गाजियाबाद :

नोएडा में सॉफ्टवेयर के जरिये आइआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक कर रेलवे ई-टिकट बेचने वाले आरोपित को गाजियाबाद आरपीएफ ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपित अब तक 25 फर्जी आईडी बनाकर चार हजार से ज्यादा ई-टिकट बेच चुका है। आरोपित के पास से 76 ई-टिकट बरामद हुए हैं। इनमें ज्यादातर टिकट तत्काल वाले हैं। टिकटों की कीमत एक लाख 25 हजार 963 है। आरोपित दो साल से इस धंधे में लिप्त है। आरपीएफ ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

थाना प्रभारी पीकेजीए नायडू ने बताया कि आरपीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नोएडा में एक फोटो स्टेट की दुकान पर चोरी छुपे ई-टिकट अवैध तरीके से बेचे जा रहे हैं। प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त डा. एसएन पांडेय और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डा. एएन झा ने आरोपित पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके बाद दिल्ली हेड क्वार्टर से छापेमारी के लिए टीम को गाजियाबाद भेजा गया। हेड क्वार्टर और गाजियाबाद आरपीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से नोएडा के सेक्टर 58 के सी ब्लॉक में फोटो स्टेट की दुकान पर छापा मारा। यहां से आरपीएफ ने अवैध रूप से ई- टिकट बेच रहे मननजय तिवारी निवासी बिशनपुरा नोएडा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने टिकट बुक करने के लिए आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर 25 आइडी बना रखी थीं। आरोपित के पास बरामद ज्यादातर टिकट आनंद विहार से बंगाल और बिहार के अलग-अलग स्टेशनों के लिए बुक किए गए हैं। तत्काल टिकट बुक करने के लिए आरोपित दो सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था। सॉफ्टवेयर से टिकट जल्दी बुक हो जाते थे, जबकि देशभर यात्री टिकट बुक करने के लिए जोरआजमाइश करते हुए खाली हाथ रह जाते हैं। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपित ने दुकान के बाहर फोटो स्टेट करने का बोर्ड लगवा रखा था।

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हैक कर लेता था वेबसाइट

आरोपित आइआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक करने के लिए दो सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था। आम लोग वेबसाइट पर ढाई से तीन मिनट में टिकट बुक करते हैं, मगर ये आरोपित सॉफ्टवेयर से एक से दो मिनट में दो से तीन टिकट बुक कर देता था। इसके आलावा कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर ज्यादा पैसा वसूलता था।

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सोशल मीडिया चलता था धंधा

नोएडा में रोजगार के लिए देश के कोने कोने आए लोगों की रेलवे टिकट को लेकर ज्यादा मारामारी रहती है। दिल्ली व गाजियाबाद के स्टेशनों से लोग अपने गंतव्य की ओर ट्रेन में सफर करने के लिए निकलते हैं। आरोपित सोशल मीडिया के जरिये ग्राहकों को टिकट की सूचना देता था। वाट्सएप ग्रुप पर पूरा धंधा चला रखा था।

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गुलाम मुस्तफा गैंग से तार जुड़े होने की जांच शुरू

आरपीएफ थाना प्रभारी पीकेजीए नायडू ने बताया कि मंगलवार को ही आरपीएफ के महानिदेशक ने ई- टिकट के गैर कानूनी धंधे का पर्दाफाश करते हुए गुलाम मुस्तफा समेत 27 लोगों को गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। मुस्तफा बेंगलुरू से गैर कानूनी ई-टिकट का धंधा चला रहा था। इस गैंग के तार दुबई, पाकिस्तान, बांग्लादेश, सिगापुर में हवाला, मनी लांड्रिग और आतंकी फंडिग से जुड़े हैं। मननजय तिवारी के तार इस गैंग से जुड़े हुए हैं या नहीं, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी इस गैंग से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है।

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