डॉक्टर ने मरीज के पर्चे पर लिखा ब्लैक फंगस की जांच कराओ तो पर्चा लेकर भाग गया मरीज, पढ़िए पूरी घटना

सीएमएस के मुताबिक आंखों के पास सूजन एवं कम रोशनी वाले करीब 22 मरीज पहुंचे। इन मरीजों को विगत एक साल में कोरोना नहीं हुआ है। आंखों की जांच के बाद दवाएं शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा ब्लैक और व्हाइट फंगस के मरीज इस ओपीडी में नहीं पहुंचे।

Vinay Kumar TiwariTue, 25 May 2021 05:17 PM (IST)
जिला एमएमजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए विशेष ओपीडी शुरू की गई।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शासन के निर्देश पर सोमवार को जिला एमएमजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए विशेष ओपीडी शुरू की गई। दो घंटे तक चली इस ओपीडी में कुल 465 मरीजों ने जांच कराई। सीएमएस डा.अनुराग भार्गव ने बताया कि ओपीडी का संचालन नेत्र रोग विशेषज्ञ अनुराग भार्गव एवं नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ राकेश कुमार द्वारा किया गया। 231 मरीजों ने ईएनटी विशेषज्ञ को और 234 मरीजों ने नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाया।

सीएमएस के मुताबिक आंखों के पास सूजन एवं कम रोशनी वाले करीब 22 मरीज पहुंचे। इन मरीजों को विगत एक साल में कोरोना नहीं हुआ है। आंखों की जांच के बाद दवाएं शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा ब्लैक और व्हाइट फंगस के मरीज इस ओपीडी में नहीं पहुंचे। पोस्ट कोविड से जुड़े मरीज जरूर पहुंचे।

सीएमएस ने बताया एक मरीज ब्लैक फंगस की शिकायत पर उनके पास सीधे पहुंचा। जांच में पाया गया कि उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव है और आंखो से कम दिखाई देता है। सीएमएस ने इस मरीज का पर्चा लेकर उस पर ब्लैक फंगस की जांच कराने की परामर्श लिख दी। तुरंत मरीज वहां से पर्ची लेकर भाग गया। चिकित्सक उसका देर शाम तक इंतजार करते रहे।

बता दें कि जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 54, व्हाइट फंगस के आठ और यलो फंगस का एक मरीज मिला है। 14 ठीक हो चुके हैं। सीएमओ डा.एन के गुप्ता का कहना है कि ब्लैक फंगस से घबराने की जरूरत नहीं है। दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

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