Action Against Illegal Construction: अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआइआर

वसुंधरा सेक्टर-एक में प्रदर्शन करते स्थानीय निवासी । फोटो- जागरण आर्काइव

लोगों के लगातार विरोध के बाद अब आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। परिषद अधिकारियों ने वसुंधरा सेक्टर एक के दो अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई है। परिषद जल्द ही इन इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई करेगा।

Vinay Kumar TiwariFri, 26 Feb 2021 01:20 PM (IST)

जागरण संवादाता, वसुंधरा। आवास विकास परिषद के वसुंधरा इलाके में अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां बिल्डर अवैध निर्माण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी काम जारी है। लोगों का कहना है कि परिषद की ओर से सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाइ की जाती है। हकीकत में किया कुछ नहीं जाता है। 

लोगों के लगातार विरोध के बाद अब आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। परिषद अधिकारियों ने वसुंधरा सेक्टर एक के दो अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई है। परिषद जल्द ही इन इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई करेगा। आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण की मिली शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

वसुंधरा सेक्टर 1 में भूखंड संख्या 293 के आवंटी सुवास सिंह व निर्माणकर्ता गोपाल मंडल ने स्वीकृत मानचित्र से भिन्न फ्रंट सेट बैक कवर करते हुए सड़क पर छज्जा निकाल दिया है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इसके साथ ही सेक्टर 1 में ही भूखण्ड संख्या 861 पर भी आवंटी भोपाल सिंह ने बिना मानचित्र के फ्रंट सेट बैक कवर करते हुए अतिरिक्त तल का निर्माण कर लिया है। उनके खिलाफ भी थाना इंदिरापुरम में एफआइआर करवाई है।

अधीक्षण अभियंता आर चंद्रा ने बताया कि पूर्व में ही निर्माण करने वालों को नक्शे के अनुरूप निर्माण करने को कहा गया था। इसके बाद भी अवैध निर्माण किया गया है। अवर अभियंता दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। 

न खरीदें अवैध रूप से बनाए फ्लैट 

परिषद के अधिकारी लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही अवैध फ्लैट न खरीदने की अपील लोगों से कर रहे हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कोई भी फ्लैट खरीदने से पहले इनके नक्शे की जांच परिषद के वसुंधरा सेक्टर 16 स्थित कार्यालय में आकर कर लें। तीसरी व चौथी मंजिल पर बनाए जा रहे ज्यादातर फ्लैट अवैध हैं।

 

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