Ghaziabad: GDA की इंदिरापुरम विस्तार योजना पर लगा ग्रहण, जानिए क्या है इसके पीछे कारण

इस संबंध में जीडीए ने शासन को अधिसूचना रद करने का प्रस्ताव भेजा है।

इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए अधिगृहीत होने वाली 35 एकड़ जमीन को जीडीए द्वारा योजना से बाहर किया जाएगा। इस संबंध में जीडीए ने शासन को अधिसूचना रद करने का प्रस्ताव भेजा है। इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए कुल 229 एकड़ जमीन अधिगृहीत होनी है।

Vinay Kumar TiwariFri, 26 Feb 2021 01:30 PM (IST)

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए अधिगृहीत होने वाली 35 एकड़ जमीन को जीडीए द्वारा योजना से बाहर किया जाएगा। इस संबंध में जीडीए ने शासन को अधिसूचना रद करने का प्रस्ताव भेजा है। इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए कुल 229 एकड़ जमीन अधिगृहीत होनी है। इसमें से 35 एकड़ जमीन का किसान बाजार दरों पर प्रतिकर मांग रहे हैं ,जो जीडीए के बजट से बाहर हो गया है। ऐसे में इस जमीन को अधिगृहित न करने का निर्णय लिया गया है। जीडीए वीसी के निर्देश पर जीडीए सचिव ने इस जमीन को योजना से बाहर करने के साथ ही अधिसूचना रद करने का शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। 

10 साल से चल रहा विवाद

इस जमीन को लेकर विगत 10 साल से किसान कभी स्थानीय, तो कभी उच्च न्यायालय में जीडीए के खिलाफ चले जाते हैं। किसानों ने इस जमीन का नए अधिग्रहण कानून-2014 के अनुसार प्रतिकर की मांग की है। यह प्राधिकरण के बजट से बाहर है। 

90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

जीडीए को चालू वित्त वर्ष में 90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। प्राधिकरण ने पौधों की प्रजाति एवं जगह चिह्न्ति करने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा नगर निगम को एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। नगर पालिका लोनी को 20 हजार, मोदीनगर व मुरादनगर को 10-10 हजार पौधे लगाने हैं। नगर पंचायतों को भी 10-10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। 

कोविड के चलते दो फीसद की मिली छूट

जीडीए के आवंटियों एवं बकायेदारों को अब ब्याज में दो फीसद की छूट मिलेगी। कोरोना के चलते जीडीए ने कई महीने पहले ब्याज में छूट का प्रस्ताव भेजा था। शासन स्तर से इस छूट को मंजूरी दे दी है। जीडीए सचिव ने छूट संबंधी आदेश मिलने की पुष्टि की है। इससे करीब 10 हजार आवंटियों को लाभ होगा। 

कनावनी की 35 एकड़ जमीन को इंदिरापुरम विस्तार योजना से बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजकर अधिसूचना रद करने का अनुरोध किया गया है। जमीन का पूर्व में 11 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से प्रतिकर तय था। अब बाजार दरों पर प्रतिकर की मांग की जा रही है। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए 

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