गाजियाबाद के डीएम ने रैन बसेरे में बिताई रात, लिया सुविधाओं का जायजा

जिलाधिकारी गाजियाबाद डॉक्टर अजय शंकर पांडेयः जागरण

रात को 11 बजे जिलाधिकारी अपने आवास से रैन बसेरों का हाल और वहां की सुविधाएं देखने के लिए निकलते हैं। सबसे पहले वह अर्थला स्थित रैन बसेरे पहुंचे। आधे घण्टे तक वहां रुके और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी की।

Publish Date:Wed, 30 Dec 2020 03:33 PM (IST) Author: Mangal Yadav

गाजियाबाद [अभिषेक सिंह]। जी हां, जिलाधिकारी गाजियाबाद डॉक्टर अजय शंकर पांडेय ने व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए रैन बसेरे में न केवल रात बितायी बल्कि रैन बसेरे के बिस्तरों को अपने बिस्तर की तरह इस्तेमाल किया। कार्यालय का काम भी रैन बसेरे में ही किया। जिसने भी इस दृश्य को देखा वह भौचक्का रह गया और रैन बसेरे की देखरेख करने वालों को तो सर्दी में भी पसीना आने लगा। हुआ यूं कि मंगलवार सुबह 11 बजे खुद को समाजसेवी कहने वाले एक व्यक्ति ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की और उनसे शहर में बने रैन बसेरों में खराब इंतजाम की शिकायत की। बताया कि रैन बसेरों में 10 मिनट भी रुका नही जा सकता है। चाहे तो खुद जिलाधिकारी ही जाकर मौके पर स्थिति देख लें। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि वह खुद जाकर रैन बसेरों का हाल देखेंगे।

रात को 11 बजे जिलाधिकारी अपने आवास से रैन बसेरों का हाल और वहां की सुविधाएं देखने के लिए निकलते हैं। सबसे पहले वह अर्थला स्थित रैन बसेरे पहुंचे। आधे घण्टे तक वहां रुके और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी की। जो खामियां दिखी उनको दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह राजनगर में बने रैन बसेरे में पहुंचे। यहां पर लगे एक बिस्तर पर ही वह बैठ गए। आसपास बैठे लोगों से उनकी परेशानी के बारे में पूछा। रैन बसेरे में की गई व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान जिलाधिकारी के ओएसडी ने रैन बसेरे में सुविधाएं न होने की शिकायत करने वाले समाजसेवी को फोन कर बताया कि उनके आवास के पास ही रैन बसेरे में जिलाधिकारी रात बिता रहे हैं। वह मौके पर आकर देख सकते हैं। समाजसेवी ने 15 मिनट में आने की बात कही लेकिन वहां नही पहुंचे। अपना फ़ोन भी स्विच ऑफ कर लिया।

दूसरी तरफ रैन बसेरे में ही जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय से जुड़े कार्य भी निपटाए। ठंड में उन्होंने रैन बसेरे के ही कम्बल और रजाई का इस्तेमाल किया। करीब 3 घंटे तक जिलाधिकारी रैन बसेरे में रहे । उन्होंने ठंड से परेशान लोगों को जैकेट मंगाकर भी दी। उन्होंने बताया कि सुविधांए ठीक मिली। जो खामियां दिखी उनको जल्द ही ठीक करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के इस कदम से रैन बसेरे में रहने वाले लोग खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी उनके बगल में ही बैठकर कार्य कर रहे थे। इस तरह औचक निरिक्षण होते रहे तो रैन बसेरों में कोई परेशानी नही होगी। अधिकारियों में डर होगा और रैन बसेरों में सभी सुविधाएं रहेंगी।

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