Ghaziabad Govt Office Attendance Scam: रजिस्टर में मौजूद मगर हकीकत में गायब, आनलाइन निरीक्षण में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

Ghaziabad Govt Office Attendance Scamमंडलायुक्त मेरठ सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व यशव‌र्द्धन श्रीवास्तव ने किया आनलाइन औचक निरीक्षण तो पकड़ में आया मामला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी महेश कुमार और अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार के कार्यालय में भी ड्यूटी लगाने में लापरवाही आई सामने

Vinay Kumar TiwariTue, 22 Jun 2021 12:36 PM (IST)
डल आयुक्त मेरठ सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी यशव‌र्द्धन श्रीवास्तव ने वीडियो कॉल के जरिए आनलाइन निरीक्षण किया।

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। Ghaziabad Govt Office Attendance Scam: स्कूलों में अध्यापकों के न आने पर भी उनको वेतन मिलने के मामले कई बार उजागर हो गए हैं।सोमवार को मंडल आयुक्त मेरठ सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी यशव‌र्द्धन श्रीवास्तव ने वीडियो कॉल के जरिए आनलाइन निरीक्षण किया तो बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजभूषण चौधरी के कार्यालय में ही हाजिरी घोटाला सामने आया है। यहां ड्यूटी से अनुपस्थित पांच कर्मचारियों कनिष्ठ सहायक सुबोध कुमार, सुनील कुमार तोमर ,राजेंद्र कुमार शर्मा, रूचि त्यागी, नाहिद यूसुफ की रजिस्टर में हाजिरी लगा दी गई थी और अनुपस्थित छह अन्य कर्मचारियों रमन विहारी शर्मा, दीपक कुमार, सुशील कुमार, लक्ष्मीकांत मिश्रा, सूर्य प्रकाश, विश्वास गौतम को रजिस्टर में अनुपस्थित नहीं दर्शाया गया है।

अंदेशा है कि इन कर्मचारियों की भी रजिस्टर में ड्यूटी पर उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी थी।सिर्फ बेसिक शिक्षा अधिकारी ही नहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी महेश कुमार के कार्यालय में भी ड्यूटी पर उपस्थित कर्मचारियों की जांच की गई। कार्यालय में महेश कुमार के अलावा 10 कर्मचारी हैं, जिनमें से आठ उपस्थित पाए गए । दो कर्मचारी कनिष्ठ सहायक सुमित्रा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रविदत्त वर्मा अनुपस्थित पाए गए जबकि रजिस्टर में उनको आकस्मिक अवकाश पर जाना दर्शाया गया है।

अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार के कार्यालय में उपस्थिति पंजिका में अंकित सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। लेकिन इस पंजिका में औषधि निरीक्षक अनुरोध कुमार का नाम ही अंकित नहीं है, अनुरोध कुमार ड्यूटी से अनुपस्थित भी मिले हैं। ऐसे किया जा रहा हाजिरी में घोटाला: हाजिरी घोटाला करने के लिए दो तरीके अपनाए गए। कुछ कर्मचारियों ने अपने नाम के आगे खाली स्थान छोड़ दिया, महीने के अंत में सभी दिन खुद की डयूटी पर उपस्थिति दर्ज करवा देते हैं। जिससे की वेतन में कटौती न हो। इसके साथ ही कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जो कि ड्यूटी पर अपनी हाजिरी पहले ही लगा चुके हैं।

उधर, बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि ड्यूटी पर जिन कर्मचारियों की उपस्थिति दिखाई गई है। वे कार्यालय में उपस्थित थे, निरीक्षण के दौरान वे कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, बाद में आ गए थे। बयानमंडल आयुक्त के निर्देश पर आनलाइन माध्यम से जांच की गई तो बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अनुपस्थित कर्मचारियों की भी उपस्थिति पंजिका भी हाजिरी लगी मिली है, इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी गई है।

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