Muradnagar Roof Collapse Incident: 4 डॉक्टरों ने 7 घंटे में किया 24 शवों का पोस्टमार्टम

पोस्टमार्टम के लिए चार डॉक्टरों की टीम लगाई गई।

Muradnagar Roof Collapse Incident पोस्टमार्टम के लिए चार डॉक्टरों की टीम लगाई गई। तीन बजे तक सभी शवों का पोस्टमार्टम कर 15 शव को रात में ही उनके स्वजन को सौंप दिए गए। जबकि परिवार वाले नौ शवों को सुबह के समय अपने साथ लेकर गए।

JP YadavMon, 04 Jan 2021 02:33 PM (IST)

गाजियाबाद/मोदीनगर, जागरण संवाददाता। पोस्टमार्टम हाउस पर पहली बार सात घंटे में 24 शवों का पोस्टमार्टम किया गया। देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। रात तीन बजे तक यहां पर राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का आना-जाना लगा रहा। पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस पर बामुश्किल भीड़ को संभाला। मुरादनगर श्मशान स्थल से मलबे से निकालकर शवों को एमएमजी स्थित मोर्चरी पर रखा गया। यहां पर शवों का पंचनामा भरा गया। पंचनामा भरने के साथ एक-एक शव पोस्टमार्टम हाउस पर ले जाया गया। रात आठ बजे से शवों का पोस्टमार्टम होना शुरू हुआ। पोस्टमार्टम के लिए चार डॉक्टरों की टीम लगाई गई। तीन बजे तक सभी शवों का पोस्टमार्टम कर 15 शव को रात में ही उनके स्वजन को सौंप दिए गए। जबकि परिवार वाले नौ शवों को सुबह के समय अपने साथ लेकर गए। पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा को सौंपी गई थी। पोस्टमार्टम हाउस पर रात भर भारी भीड़ थी। एक किलोमीटर तक सड़क पर वाहन पार्क किए गए थे।

पहली बार सात घंटे में 24 शवों का हुआ पोस्टमार्टम

जनपद में पहले भी कई बार बड़े हादसों में लोगों की जान गई है। मगर पहली बार पोस्टमार्टम हाउस पर शवों को रखने के लिए जगह कम पड़ गई। यहां पर डॉक्टरों का सहयोग करने वाले नवल ने बताया कि वह 20 साल से ज्यादा समय से मोर्चरी पर नौकरी कर रहे हैं। मगर इससे पहले उन्होंने कभी इतने शव एक साथ आते नहीं देखे। पहली बार ऐसा हुआ जब चार डॉक्टर और चार उनके सहयोगियों ने मिलकर सात घंटे में 24 पोस्टमार्टम किए। लगातार काम करने से उनकी तबीयत भी खराब हो गई है। नवल ने बताया कि तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने सोमवार की छुट्टी ले ली है।

देर रात तक शवों की संख्या में उलझी रही पुलिस

पोस्टमार्टम हाउस पर शवों का पोस्टमार्टम कराने और शिनाख्त की जिम्मेदारी एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा को दी गई थी। देर रात को उन्होंने अधिकारिक तौर बताया कि मरने की वालों की संख्या 25 है, लेकिन सुबह के समय उन्होंने 24 मौत होने की पुष्टि की। देर रात तक पुलिस शवों की संख्या और शिनाख्त में उलझी रही।

रात शवों की ठीक से पहचान नहीं होने और अलग-अलग जगह पर शव रखे होने की वजह से शवों की संख्या बताने में गड़बड़ी हुई थी। रात 3 बजे तक 24 शवाें का पोस्टमार्टम कराया गया। सभी शवों को स्वजन को सौंप दिया है। -कृष्ण गोपाल शर्मा (एसएचओ सिहानी गेट)

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