संशोधित : शव से पहले होगी ईटों की अंत्येष्टि मोक्षधाम के प्लेटफार्मो के निर्माण में कर दिया घटिया ईटों का इस्तेमाल

संशोधित : शव से पहले होगी ईटों की 'अंत्येष्टि' मोक्षधाम के प्लेटफार्मो के निर्माण में कर दिया घटिया ईटों का इस्तेमाल

जागरण एक्सक्लूसिव हसीन शाह गाजियाबाद हरनंदी श्मशान घाट पर चार प्लेटफार्मो के निर्माण मे

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:58 PM (IST) Author: Jagran

जागरण एक्सक्लूसिव

हसीन शाह, गाजियाबाद

हरनंदी श्मशान घाट पर चार प्लेटफार्मो के निर्माण में घटिया दर्जे की ईटों का इस्तेमाल कर दिया गया है। यह ईंट चिता की आग के तापमान में चटक जाती है। इस वजह से जल्दी प्लेटफार्मों के जर्जर होने की आशंका है, जबकि प्लेटफार्म बनाने में फायर ब्रिक (ईंट)का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक हजार डिग्री सेल्सियस तापमान सहने में सक्षम होती हैं। श्मशान घाट पर आने वाले नागरिकों ने नगर निगम पर घोटाले करने का आरोप लगाया है।

शहरी क्षेत्र में ज्यादातर लोग अंतिम संस्कार के लिए शवों को हरनंदी श्मशान घाट पर लेकर जाते हैं। शवों को जलाने के लिए 51 प्लेटफार्म हैं। अंतिम संस्कार करने के तीसरे दिन स्वजन विसर्जन के लिए अस्थियां लेने आते हैं। एक शव के लिए तीन दिन तक एक प्लेटफार्म का इस्तेमाल होता है। इन दिनों श्मशान घाट पर शवों की संख्या में इजाफा हो गया है। इस वजह से 51 प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ रहे हैं। एक सप्ताह पहले नगर निगम ने अंतिम संस्कार के लिए चार अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण शुरू कराया था। चारों प्लेटफार्म का निर्माण हो चुका है। इसमें घटिया ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। घटिया ईंटों का इस्तेमाल करने पर नागरिकों में रोष है। ---- ऐसे बनती है फायर ब्रिक

फायर ब्रिक कई तरह के मिश्रण से तैयार होती है। इस ईंट का खास तौर पर चिता का प्लेटफार्म बनाने व भट्ठी में इस्तेमाल किया जाता है। प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी से आग जलाई जाती है। अधिक तापमान होने की वजह से प्लेटफार्म में लगी घटिया ईंट चटक जाती हैं। फायर ब्रिक का प्लेटफार्म कुछ साल तक चल जाता है। हालांकि इस ईंट से बने प्लेटफार्म की भी हर साल मरम्मत करनी पड़ती है।

----- शवों के रजिस्टर में पंजीकृत आंकड़े

20 नवंबर से 26 नवंबर तक के आंकड़े

तिथि - शव

20 नवंबर - 31

21 नवंबर - 30

22 नवंबर - 29

23 नवंबर - 22

24 नवंबर - 29

25 नवंबर - 30

26 नवंबर - 20 (शाम तक) घोटाला कर पीली ईंटों से प्लेटफार्म बना दिए गए हैं। शव जलाने से पहले प्लेटफार्म जल जाएगा। प्लेटफार्म फायर ब्रिक से बनना चाहिए था।

हिमाशु शर्मा, ----

मरने के बाद सबको यही आना है। श्मशान घाट में भी अधिकारी घोटाला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्लेटफार्म में खराब ईटों के इस्तेमाल करने की जांच की जानी चाहिए।

-प्रशांत पटेल, नागरिक

------- कार्य में अगर लापरवाही की जा रही है तो उसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

-महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त

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ज्यादा तापमान में घटिया ईट चटक जाती है। अंतिम संस्कार के प्लेटफार्म के लिए फायर ब्रिक बेहतर रहती है।

-वीके गोयल, पूर्व मुख्य अभियंता, जीडीए

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