शेर का शिकार करने वाले के सामने तेंदुआ बना चुनौती

शेर का शिकार करने वाले के सामने तेंदुआ बना चुनौती

जागरण संवाददाता गाजियाबाद वर्ष 1968 में सामने से शेर का शिकार करने वाले सेवानिवृत्त विग क

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:20 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : वर्ष 1968 में सामने से शेर का शिकार करने वाले सेवानिवृत्त विग कमांडर प्रकाश जेथ्रो को तीन दिन से नींद नहीं आ रही है। वायु सेना में रहते हुए उत्तराखंड क्षेत्र के खीरी में शेर का शिकार करने के शौकीन प्रकाश जेथ्रो के लिए तेंदुआ (लैपर्ड) चुनौती बना हुआ है। इंग्राहम इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रकाश जेथ्रो तेंदुआ पकड़ने को लेकर वन विभाग द्वारा की जा रही सुस्त कार्रवाई से बेहद खफा है। उनकी सलाह है कि बीस कर्मचारियों की टीम समूह बनाकर यदि ढोल बजाकर सर्च करे तो तेंदुआ या तो मिल जाएगा या फिर पता चल जाएगा कि वह चला गया है। उन्होंने बताया कि वायु सेना में रहकर उन्होंने शेर, तेंदुआ, चीता समेत जंगली जानवरों का खूब शिकार किया है। उनका आवास भी इंग्राहम इंस्टीट्यूट परिसर में ही है। 82 वर्षीय प्रकाश जेथ्रो का कहना है कि जंगल में तेंदुआ को ट्रेस करना बहुत आसान है।

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तीन दिन से तेंदुआ तलाश रहे हैं। नींद का झटका आने पर तेंदुआ ही सपनों में दिखता है। सर्च जारी है। जंगलों में तेंदुआ नजर नहीं आया है। पंजों के निशान जरूर मिले हैं। तेंदुआ को सुरक्षित रेस्क्यू करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए निडर होकर सर्च आपरेशन में ड्यूटी दे रहे हैं। डीएफओ के आदेश पर सर्च तेज कर दिया गया है। जैकेट एवं हेलमेट के साथ सर्च किया जा रहा है।

- संजय कुमार, उप निरीक्षक, वन विभाग

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तेंदुआ दिखने पर विभाग ने गाजियाबाद में सर्च आपरेशन के लिए भेजा है। तीन दिन से इंग्राहम इंस्टीट्यूट के अलावा राजकुंज, राजनगर, एएलटीटी सेंटर और कमला नेहरू नगर में दिन-रात तेंदुआ को ट्रेस किया जा रहा है। शाम को आसपास घूमकर एनाउंस किया जाता है कि लाइट जलाकर सोएं। घर से बाहर न निकलें। बच्चों को कतई बाहर न भेजें।

- कमलेश कुमार पांडेय, उप निरीक्षक वन विभाग मेरठ

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