ठंड ने छुड़ाई कंपकंपी, गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोग

ठंड ने छुड़ाई कंपकंपी, गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोग

फोटो नं.-30 मोदी-3 -गेहूं के लिए फायदेमंद है पाला बुजुर्गो बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह

JagranWed, 30 Dec 2020 06:16 PM (IST)

फोटो नं.-30 मोदी-3

-गेहूं के लिए फायदेमंद है पाला, बुजुर्गो, बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे चिकित्सक जागरण संवाददाता, मोदीनगर : इस बार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है। रिकार्डतोड़ ठंड का जनमानस पर भारी असर दिख रहा है। वहीं, सरकारी स्तर पर ठंड से बचाव को लेकर लापरवाही देखने को मिल रही है। उधर, पाला के साथ पड़ रही गलन गेहूं के विकास के लिए बेहतर बताई जा रही है।

बुधवार को पारा लुढ़ककर तीन डिग्री पहुंच गया। दिन में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। बड़ी तादात में लोग जरूरी काम होने के बावजूद घरों से नहीं निकले। ठंड का दिल्ली-मेरठ हाईवे पर भी साफ असर देखने को मिला। जहां हाईवे पर पिछले डेढ़, दो माह से रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी, वहीं मंगलवार और बुधवार को हाईवे पर वाहन सरपट दौड़ते नजर आए। पूरे दिन बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले 10 दिन तक सर्दी ऐसे ही अपना रंग दिखाती रहेगी। पहाड़ी इलाकों में पड़ रही बर्फ के कारण मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गो को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि गर्म तासीर के खाद्य पदार्थो का सेवन करने से ठंड के प्रकोप को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में नगरपालिका और प्रशासनिक स्तर पर अलाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं कराए जा रहे हैं। एकाध स्थानों को छोड़कर कहीं भी लोगों को सर्दी से बचाव के प्रयास सरकारी अमले द्वारा नहीं कराए जाने से लोगों में रोष पनप रहा है। सबसे ज्यादा बुरी हालत रैन बसेरों की है, जबकि, अधिकारियों के स्तर पर लगातार चाक-चौबंद व्यवस्था होने का दावा किया जा रहा है।

इधर, ठंड के साथ जिस तरह से गलन, अर्थात पाला पड़ रहा है, उसका गेहूं की फसल के लिए ज्यादा फायदा बताया जा रहा है। वरिष्ठ कृषि विज्ञानी एवं मुरादनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. अरविद यादव का कहना है कि इस समय पड़ रही सर्दी गेहूं की फसल के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इससे फसल का विकास बेहतर होगा। हालांकि, गेहूं की पछेती फसल को नुकसान हो सकता है। वे किसान, जो दिसंबर के अंत में ईख या अन्य कोई दूसरी फसल काटकर गेहूं की बोवाई करते हैं, उनको इस समय घट रहा तापमान नुकसान पहुंचाने वाला है। इसके अलावा सरसों, मटर, मसूर की खेती करने वाले किसान थोड़ी सावधानी बरतें, बढ़ती सर्दी इन फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.