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एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट से कैसे होगा चार हजार टेस्ट

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: स्वास्थ्य विभाग करीब 3-4 हजार टेस्ट रोजाना करने की तैयारी कर रहा है। मगर सिर्फ एक ही माइक्रोबायोलॉजिस्ट के चलते यह लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। कम्युनिटी स्प्रेड की जांच के लिए बृहस्पतिवार से रोजाना चार हजार टेस्ट का लक्ष्य पहले ही दिन अधूरा रह गया। डीएम अजय शंकर पांडेय की ओर जारी प्रेसनोट के मुताबिक पहले दिन सिर्फ 2500 टेस्ट ही हुए।

जिले की एकमात्र माइक्रोबायोलॉजिस्ट आइडीएसपी (इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम) में तैनात हैं। सैंपल को पैक करने से लेकर उसे भेजने की जिम्मेदारी उन्हीं है। रोजाना 600-700 सैंपल लिए जा रहे हैं। डॉ. सुरभि के अलावा दूसरा माइक्रोबायोलॉजिस्ट नहीं होने के चलते उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्हें करीब 18-20 घंटे लगातार काम करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी है कि सैंपल को सही समय पर पैक करना और समय रहते ही जांच के लिए भेजना भी होता है। अकेले होने के कारण काम ज्यादा होता है, जिसके चलते कई बार सैंपल मिसमैच, सैंपल खराब होने व वायल टूटने की आशंका रहती है। जिले में ऐसा हो भी चुका है और 50 लोगों के सैंपल दोबारा लेने पड़े हैं। अब चार हजार लोगों की रोजाना जांच का लक्ष्य रखा गया है। यदि इतने सैंपल ले लिए जाते हैं तो दिक्कत यह है कि इन्हें समय रहते भेजना किस प्रकार सुनिश्चित कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि बायो-लैब के लिए शासन से माइक्रोबायोलॉजिस्टकी भी तैनाती की जाएगी। तब यह संकट दूर हो जाएगा।

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