top menutop menutop menu

कोरोना के खिलाफ महती भूमिका निभा रही आधी आबादी

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : 41वीं वाहिनी प्रादेशिक सशस्त्र बल (पीएसी) की सेनानायक भारती सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अंशु जैन कोरोना के खिलाफ जारी जंग में महती भूमिका निभा रही हैं। इससे क्षेत्र के लोग लाभांवित हो रहे हैं। महिलाओं को मिला था अधिकार: 17 जुलाई 1948 को देश में महिलाओं को भारतीय नागरिक सेवा (वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा), इंपीरियल पुलिस (वर्तमान में भारतीय पुलिस सेवा) समेत सभी सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती होने की पात्रता मिली। तब से महिलाओं ने पीछे मुड़कर नहीं दिखा। विभिन्न पदों पर आसीन होकर देश व समाज की सेवा कर रही हैं। लोगों को बना रहीं सुरक्षित: 41वीं वाहिनी पीएसी वैशाली सेक्टर-एक की सेनानायक भारती सिंह अपने मातहतों व उनके स्वजनों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए तमाम उपाय किए। इसका नतीजा रहा कि कोई भी कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ। उनके दिशा-निर्देश पर बटालियन के अधिकारी व जवान नोएडा, मेरठ व बुलंदशहर में भी ड्यूटी कर लोगों को कोरोना से सुरक्षित कर रहे हैं। इसके पहले साल 2019 में विशेष जांच दल (एसआइटी) में तैनाती के दौरान भारतीय सिंह ने शाहजहांपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कामगारों का बेड़ा पार कराया : पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अंशु जैन ने लॉकडाउन के दौरान दिल्ली-एनसीआर से वापस गांव जाने वाले लाखों कामगारों और उनके स्वजनों की मदद की। परिवहन की सेवा मिलने तक उनके ठहरने, खाने, पीने की व्यवस्था कराई। सैनिटाइजर, मास्क मुहैया कराए। उनकी मदद से लोग सुरक्षित तरीके से घर पहुंचे। वहीं, इसी दौरान खोड़ा और वैशाली में सेक्टर योजना लागू हुई। दोनों स्थानों पर उन्होंने जरूरी सेवाओं को बहाल रखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखी। इसके पूर्व उन्होंने लापता हुए बच्चों को उनके स्वजनों से मिलाने का महत्वपूर्ण काम भी किया है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.