साथ आए और साथ ही दुनिया से विदा हो गए जुड़वा भाई

जागरण संवाददाता गाजियाबाद आ पकड़ तू हाथ मेरा तुझको मैं चलना सिखलाऊं बांह थाम लेना तू मेरी जब में बूढा हो जाऊं..। जुड़वा बेटों को चलना सिखाते हुए पिता टीएस पलानी मदुराई की शायद यही भावनाएं रही होंगी। वहीं समय को कुछ और ही मंजूर था। जिन बेटों के कंधों पर कभी पिता की अर्थी जानी थी अब उन्हीं दोनों लाडलों की अर्थी को लाचार पिता को कंधा देना पड़ेगा ऐसा उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। प्रतीक ग्रांड कार्नेसिया सोसायटी की 25वीं मंजिल से गिरकर दो जुड़वा भाइयों की मौत के बाद सोमवार सुबह उनका हरनंदी स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

JagranMon, 18 Oct 2021 06:19 PM (IST)
साथ आए और साथ ही दुनिया से विदा हो गए जुड़वा भाई

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : आ पकड़ तू हाथ मेरा, तुझको मैं चलना सिखलाऊं, बांह थाम लेना तू मेरी जब में बूढा हो जाऊं..। जुड़वा बेटों को चलना सिखाते हुए पिता टीएस पलानी मदुराई की शायद यही भावनाएं रही होंगी। वहीं समय को कुछ और ही मंजूर था। जिन बेटों के कंधों पर कभी पिता की अर्थी जानी थी, अब उन्हीं दोनों लाडलों की अर्थी को लाचार पिता को कंधा देना पड़ेगा, ऐसा उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। प्रतीक ग्रांड कार्नेसिया सोसायटी की 25वीं मंजिल से गिरकर दो जुड़वा भाइयों की मौत के बाद सोमवार सुबह उनका हरनंदी स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता ने दोनों शवों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता के आंसू थम नहीं रहे थे। लोगों की जुबां पर एक ही बात थी कि भले ही जुड़वा भाई परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गए, लेकिन दोनों ने अपना साथ मरते दम तक निभाया। सत्यनारायण और सूर्यनारायण एक साथ मां के पेट में पले। एक साथ पैदा हुए। एक साथ खेले-कूदे। एक साथ ही स्कूल गए और एक ही क्लास में पढ़े। साथ खाना खाया और एक साथ ही दुनिया को अलविदा कह गए। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ। एक ही प्लेटफार्म पर रखकर दोनों के शव को मुखाग्नि दी गई। 29 अगस्त को मना था दोनों का जन्मदिन : सूर्यनारायण और सत्यनारायण का जन्म 29 अगस्त 2007 को हुआ था। इस वर्ष 29 अगस्त को उनके 14 साल पूरे होने पर जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। पूरे परिवार ने मिलकर दावत की। जन्मदिन के करीब डेढ़ माह बाद ही दोनों भाई इस दुनिया से विदा हो गए। जुडवा भाइयों की मौत के बाद से स्वजन सदमे में हैं और इससे उबर नहीं पा रहे हैं। मां और बहन बेसुध हैं। सगे-संबंधियों का घर पर लगातार आना-जाना लगा है। हादसे के दूसरे दिन टीएस पलानी ने सोमवार को चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के साथ बड़ा हादसा हो गया। जबसे हम गाजियाबाद आए हैं, हमें बहुत अच्छे लोग मिले। जैसे बाइक सवार हेलमेट लगाकर चलता है और उसके साथ भी हादसा हो जाता है, ऐसा ही कुछ हमारे साथ हुआ। इस हादसे से पता नहीं हम उबर भी पाएंगे या नहीं। स्वजन ने बताया कि दोनों भाई भी थे और दोस्त भी। दोनों का आपसी सामंजस्य इतना बेहतर था कि उन्हें कभी किसी दूसरे को दोस्त बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। सीसीटीवी से नहीं मिली मदद : पुलिस ने सोसायटी में लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, लेकिन जहां यह फ्लैट है और जहां यह हादसा हुआ, उस लोकेशन में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इससे पुलिस को मदद नहीं मिल सकी है। ये हुई थी घटना : सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड कर्नेसिया सोसायटी निवासी टीएस पलानी के जुड़वा बच्चे सूर्यनारायण और सत्यनारायण शनिवार रात सोसायटी की 25वीं मंजिल से नीचे गिर गए थे। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। टीएस पलानी उस समय अपने काम के सिलसिले में मुंबई गए थे। वर्जन..

विभिन्न बिदुओं पर मामले की जांच की जा चुकी है। मामला पूरी तरह से हादसे का ही लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं। इससे लगता है कि दोनों की मौत नीचे गिरने से ही हुई है।

-योगेंद्र मलिक, थाना प्रभारी, विजयनगर।

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