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युवाओं मेंजगी पौधारोपण की ललक

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : वृक्षों में भी जीवन होता है, यह कोई स्लोगन मात्र नहीं है। पौधे लगाकर वृक्ष होने तक जीवन की तरह सहेजने वाले लोगों की फेहरिस्त लंबी है। बढ़ते प्रदूषण के प्रति युवाओं में पौधारोपण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। घर या घर के बाहर जगह न मिलने पर लोग पार्क व सड़क किनारे पौधारोपण कर रहे हैं। अपने दादा व पिता के लगाए फलदार वृक्ष के फल व छायादार पेड़ के साये के नीचे बैठने वाले काफी लोग हैं।

जिस देश में पेड़-पौधों को पूजने की प्रथा रही है, उसी देश में पेड़ घटे हैं। इसके साथ ही खुशनुमा बात यह है कि अब जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता आ रही है। लोग अब पेड़-पौधों की अहमियत समझने लगे हैं। काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो पेड़-पौधों में जीवन मानकर उनको सहेजने में लगे हैं। बढ़ते प्रदूषण के बाद लोगों का रुझान पेड़ पौधे की ओर हुआ। घर या घर के बाहर मार्गों पर लोग बड़ी तादाद में पेड़ पौधे लगा रहे हैं। इनमें फलदार, छायादार व ज्यादा ऑक्सीजन वाले पेड़-पौधे शामिल हैं। एक पौधे को करीब 10 साल पहले लगाकर बच्चे की तरह पाला, जो अब छायादार पेड़ बन चुका था। आसपास के कई घरों को हरियाली व लोगों को छाया देता था। तीन दिन पहले आई तेज आंधी में वह पेड़ टूट गया। न चाहते हुए भी पूरी तरह टूट गए पेड़ को आखिर में हटवाना पड़ा। पेड़ एक साये की तरह होते हैं, अब उसके न होने से एक खालीपन सा होने से मन दुखी है।

- महजबीं हैदर, वर्ष 1997 में पार्क में शादी की अनुमति दी जाती थी। उस समय घर के सामने राजनगर सेक्टर 15 के पार्क में शादियां होती थीं। पार्क में लगे पेड़-पौधों को काफी नुकसान हुआ और बंजर सा होने के बाद कोई पेड़ नहीं बचा। मैंने फैसला किया कि इस पार्क में सौंदर्यकरण होना चाहिए। नगर निगम से पार्क में शादी की अनुमति न देने की प्रार्थना की। इसके बाद खुद बंजर हो चुके पार्क में पौधारोपण किया। पार्क में मेरे लगाए 50 से ज्यादा पेड़ मौजूद हैं। पौधारोपण का क्रम जारी है।

- धर्मवीर यादव पौधारोपण के लिए खुद के साथ दोस्तों को भी प्रेरित करता हूं। घरों में हालांकि छायादार पेड़ के लिए जगह भले न हो, लेकिन हरियाली के लिए घरों में गमले और जहां जगह मिले बरसात में छायादार पेड़ के पौधे लगाने का अपने दोस्तों के साथ काम करता हूं। मेरे दोस्त अब्बास अली इसमें मेरे साथ होते हैं। वह खुद भी पौधारोपण के लिए काम करते हैं।

- मुकुल गुप्ता मैंने अपने घर के अलावा पार्क या सड़क किनारे भी पौधारोपण किया है। यह मौसम पौधों को लगाने का है। इसमें प्रकृति आपके इस पुनीत कार्य में साथ देगी। इस मौसम में लगाए जाने वाले पौधे अक्सर फल-फूल जाते हैं। मैं अपने दोस्तों से घरों में हरियाली के लिए प्लांट लगाने के लिए हमेशा बोलता हूं। कई बार मैंने गिफ्ट में भी लोगों को गमले में लगे पौधे उपहार स्वरूप दिए हैं।

- अंशुल त्यागी

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