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इलेक्ट्रिक एसी बस के डिपो और चार्जिंग स्टेशन का काम शुरू होने में लगेगा वक्त

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : इलेक्ट्रिक एसी बसों के लिए डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अब तक शासन ने डिजाइन और फंड के लिए स्वीकृति प्रदान नहीं की है। नगरीय परिवहन निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि जल्द स्वीकृति के लिए प्रयास किया जा रहा है।

पहले चरण में शहर में छह रूटों पर 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों का परिचालन शुरू करना प्रस्तावित है। इन बसों के लिए मेरठ तिराहे के पास बोंझा गांव में 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर डिपो और चार्जिग स्टेशन बनना है। जिसमें 25 शेड और 25 चार्जिंग प्वाइंट्स बनाने हैं। नगरीय परिवहन निदेशालय ने इनका निर्माण करने की जिम्मेदारी यूपी जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सिस्टम विग को दे रखी है। इस निर्माण कार्य में 37 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सिस्टम विग बस डिपो और चार्जिग स्टेशन का डिजाइन बनाकर तकनीकी जांच और स्वीकृति के लिए शासन को भेज चुकी है। इस प्रोजेक्ट को राज्य स्मार्ट सिटी मिशन में प्रस्तावित करते हुए शासन से फंड की मांग की जा चुकी है। अब तक डिजाइन और फंड को लेकर स्वीकृति नहीं मिली है। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सिस्टम विग के अधिकारी कह रहे हैं कि जब तक स्वीकृति प्राप्त नहीं होती, निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। वहीं नगरीय परिवहन निदेशालय के संयुक्त निदेशक अजीत सिंह का कहना है कि निदेशालय स्तर से भी जल्द स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

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