खेत में पराली जलाने पर दर्ज होगी एफआइआर:उपजिलाधिकारी

खेत में पराली जलाने पर दर्ज होगी एफआइआर:उपजिलाधिकारी
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 06:21 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, साहिबाबाद : कोरोना काल के बाद क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने लगा है। जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्य के चलते हवाओं में धूल के कण मिल गए हैं। ऐसे में यदि किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाई जाती है तो सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। क्षेत्र को प्रदूषण से बचाने के लिए अधिकारियों ने किसानों को पराली न जलाने के निर्देश दिए हैं।

उपजिलाधिकारी खालिद अंजुम ने बताया कि पराली जलाने के दौरान हवा से आसपास के घरों, मकानों, झोपड़ियों में आग लगने की संभावना रहती है। पराली जलाने से प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है, जिसके चलते प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी पराली जलाने को प्रतिबंधित किया हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी, समस्त थाना, चौकी प्रभारियों, तहसीलदार और राजस्व विभाग के समस्त कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी किसानों को पराली न जलाने दी जाए। इसके लिए उन्हें जागरूक करें। यदि किसानों द्वारा पराली जलाई जाती है, तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट अभी टला नहीं है। लोगों को प्रदूषित वातावरण से दूर रहने की जरूरत है। प्रदूषित वातावरण से फेफड़ों की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण होती है। उन्होंने लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करने की अपील करते हुए पराली न जलाने के निर्देश दिए।

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