कोरोना आया,घर को ही अस्पताल बनाया

कोरोना आया,घर को ही अस्पताल बनाया

मदन पांचाल गाजियाबाद कोरोना की दूसरी लहर से पैनिक फैल रहा है लेकिन शहर में समझदार

JagranMon, 19 Apr 2021 08:17 PM (IST)

मदन पांचाल, गाजियाबाद

कोरोना की दूसरी लहर से पैनिक फैल रहा है लेकिन शहर में समझदार एवं धैर्य रखने वाले लोगों की भी कमी नहीं है। एक अप्रैल से केस बढ़ने लगे तो निजी कोविड अस्पतालों की तरफ लक्षणरहित लोग दौड़ने लगे। परिणाम यह हुआ कि अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं। ठीक इसके विपरीत लक्षणरहित ही नहीं, लक्षण वाले संक्रमित अनेक लोगों ने घर को ही अस्पताल बना लिया है। होम आइसोलेशन में कोविड प्रोटोकाल के तहत दवाएं ले रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रहकर स्वस्थ होने का प्रयास कर रहे हैं। आठ दिनों में 563 संक्रमितों ने घर में रहकर कोरोना को मात दी है। दस अप्रैल को 350 तो अब एक हजार संक्रमित घर पर कोरोना को मात देने में जुटे हुए हैं। कुल सक्रिय केस 3,275 हैं। आरआर टीमों द्वारा इनकी निगरानी की जा रही है। कई ने घर पर भाप लेने, आक्सीमीटर, छोटा आक्सीजन का सिलेंडर, बीपी एवं बुखार नापने के उपकरण मंगवा लिए गए हैं।

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घर रहकर 11,680 ने कोरोना को हराया

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में पता चला है कि जुलाई 2020 से लेकर अब तक 11,680 संक्रमितों ने घर रहकर कोरोना को हराया है। केवल 458 संक्रमितों को हालत बिगड़ने पर होम आइसोलेशन से कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ये भी स्वस्थ हो गए हैं। अब तक 16,229 संक्रमितों ने अस्पतालों में उपचार के बाद कोरोना को मात दी है।

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पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद से होम आइसोलेशन में रहकर कोविड प्रोटोकाल का पालन कर रही हूं। चिकित्सक के परामर्श पर दवाएं ले रही हूं। घर से महिला अस्पताल में ड्यूटी लगाना और अवकाश देने का काम कर रही हूं। टीकाकरण केंद्र को भी घर से संचालित कर रही हूं। आक्सीमीटर से आक्सीजन स्तर नापती रहती हूं। अलग कमरे में रहकर आराम करती हूं तो मूवी भी देखती हूं।

-डा. संगीता गोयल,सीएमएस जिला महिला अस्पताल

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कोविड अस्पताल में भर्ती होने के बजाय होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दे रही हूं। नियमित दवाएं लेने के साथ ही खूब नींद ले रही हूं। सामान्य खान पान के साथ काढ़ा भी ले रही हूं। सांस लेने में परेशानी होने पर भाप लेती हूं।

-डा. कृष्णा मल्ल, महिला अस्पताल

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संक्रमित होने के बाद घर पर रहकर कोरोना को कराने में लगी हुई हूं। दो साल के बेटे उद्धव को दूर रहकर समय दे रही हूं। किताब पढ़कर समय बिताती हूं। दवाओं के साथ योग करती हूं। अस्पताल जाने से बचे और होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को हराएं।

-सरगम,फार्मासिस्ट नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरसांव

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बुखार आने पर जांच कराई तो रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। घर पर रहकर कोरोना को मात देने का प्रयास कर रहा हूं। आरआर टीम द्वारा दी गई परामर्श के मुताबिक दवाएं ले रहा हूं। योग कर रहा हूं। चित्रकारी करके समय का सदुपयोग कर रहा हूं।

-अक्षय सेठी,आर्टिस्ट राजेंद्र नगर

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लक्षणरहित को तो घर पर रहकर इलाज कराना चाहिए। लक्षण वाले लोगों को भी होम आइसोलेशन का उपयोग करना चाहिए। गंभीर रोगियों के साथ ही आक्सीजन स्तर 80 से नीचे आने पर कोविड अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। बेवजह अस्पतालों में भीड़ बढ़ाना जरूरतमंदों के उपचार में अड़चन पैदा करना होगा। इससे पैनिक फैलता है। संक्रमण फैल रहा है लेकिन भय का माहौल बनाना गलत है।

-डा. एनके गुप्ता, सीएमओ

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होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों का विवरण

तिथि होमआइसोलेशन में सक्रिय मरीज स्वस्थ हुए

10 अप्रैल 350 29

15 अप्रैल 724 50

16 अप्रैल 869 46

17 अप्रैल 957 46

18 अप्रैल 971 95

19 अप्रैल 1004 138

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