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डूब क्षेत्र में बस रही कॉलोनी, अधिकारी बेखबर

संवाद सहयोगी, लोनी : यमुना किनारे डूब क्षेत्र में कॉलोनी की बसावट जारी है। अब बसाई जा रही कॉलोनियों से अधिकारी बेखबर हैं। आरोप है कि कॉलोनी बसने के बाद जीडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है। जीडीए की कार्रवाई से गरीब तबके के लोग स्वयं को ठगा महसूस करते हैं। लोगों का मानना है कि यदि अधिकारी डूब क्षेत्र में बसाई जा रही कॉलोनियों को अभी रोक दें तो गरीब लोग ठगे जाने से बच सकेंगे।

क्षेत्र के कॉलोनाइजरों द्वारा जीडीए और अन्य विभागों से अनुमति के बिना कॉलोनी बसाई जाती है। लुभावने वादे और आसान किश्तों पर कॉलोनाइजर गरीब तबके के लोगों को प्लॉट बेच देते हैं। प्लॉट बेचने के लिए कॉलोनाइजरों द्वारा लोगों को लाने और छोड़कर आने के लिए वैन का भी बंदोबस्त किया जाता है। आरोप है कि कॉलोनी में बसावट होने पर जीडीए द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। जिससे गरीब तबके के लोगों के जीवन भर की पूंजी खत्म हो जाती है। लोगों की माने तो अल्लीपुर बांध के पास डूब क्षेत्र में कॉलोनाइजरों द्वारा कॉलोनी बसाई जा रही है। जहां कुछ लोगों के मकान भी तैयार हो गए हैं। लोगों ने अधिकारियों से डूब क्षेत्र में बसाई जा रही कॉलोनी का कार्य रोकने की मांग की है। वहीं, तहसीलदार प्रकाश सिंह का कहना है कि पुश्ते से करीब पांच सौ मीटर तक लोनी का क्षेत्र है। यदि लोनी क्षेत्र के डूब क्षेत्र में कॉलोनी काटी जा रही है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। एक वर्ष पूर्व भरा था पानी: अगस्त 2019 में हथनीकुंड बेराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया था। जनहानि की आशंका के चलते डूब क्षेत्र में बसे मकानों को खाली कराया गया था। तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रशांत तिवारी ने डूब क्षेत्र में कॉलोनी काटने वाले कॉलोनीनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन एक वर्ष के दौरान कॉलोनी में कई मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। जिससे यमुना का जलस्तर बढ़ने पर जनहानि की आशंका भी बढ़ गई है।

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