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रैपिड रेल कॉरिडोर को समय से पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी

रैपिड रेल कॉरिडोर को समय से पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 09:46 PM (IST) Author: Jagran

जासं, गाजियाबाद : दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड रेल के 82.15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 50 किलोमीटर से ज्यादा हिस्से में निर्माण कार्य जारी है। इसमें 1800 से ज्यादा पाइलिग कर दी गई है, यानी पिलर बनाने के लिए गहरे गड्ढे खोदे जा चुके हैं। यहां 60 से ज्यादा पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं।

दिल्ली के सराय कालेखां से लेकर मेरठ तक रीजनल रैपिड रेल कॉरिडोर की लंबाई 82.15 किलोमीटर है। एनसीआरटीसी ने पहले चरण मे साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर हाईस्पीड कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने के लिए 2024 तक निर्माण पूरा करने की डेडलाइन रखी है। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन से काम प्रभावित हुआ है। वहीं, एनसीआरटीसी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि काम को 2024 तक ही पूरा करने के उद्देश्य से ही एनसीआरटीसी तेजी से काम कर रहा है। डेडलाइन के अंदर ही काम पूरा करने का लक्ष्य है।लोमीटर हिस्से में तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। इस हिस्से पर वर्ष 2023 में रैपिड रेल का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। गुलधर के पास दो पिलर के बीच कार्य पूरा कर वायाडक्ट (दो पिलर के बीच एक पुलनुमा हिस्से को कहते हैं। जो ऊपर से समतल होता है। इस पर ही पटरी बिछाई जाएगी) तैयार किया गया। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन से काम प्रभावित हुआ है, लेकिन एनसीआरटीसी ने हाईस्पीड कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने के लिए 2024 तक निर्माण पूरा करने की डेडलाइन रखी है। वहीं, एनसीआरटीसी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कार्य को 2024 तक ही पूरा करने के उद्देश्य से एनसीआरटीसी तेजी से काम कर रहा है। डेडलाइन के अंदर ही काम पूरा करने का लक्ष्य है।

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