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लोगों ने कहा-किसानों का मसीहा चला गया

लोगों ने कहा-किसानों का मसीहा चला गया

शाहनवाज अली गाजियाबाद जाट राजनीति के बूते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबदबा रखने वाले राष्ट्रीय

JagranThu, 06 May 2021 08:19 PM (IST)

शाहनवाज अली, गाजियाबाद

जाट राजनीति के बूते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबदबा रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के निधन के साथ जाटों की मजबूत आवाज खामोश हो गई। चौधरी अजित सिंह गाजियाबाद के यूपी गेट पर अक्टूबर 2018 में भारतीय किसान यूनियन के धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे थे। इसके बाद उनका गाजियाबाद आना नहीं हुआ। उनके निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों में शोक छाया हुआ है।

यूपी-दिल्ली बार्डर पर किसानों को अक्टूबर 2018 में बलपूर्वक रोक दिया गया था। किसान गांधी जयंती पर दिल्ली राजघाट पर धरना देने जा रहे थे। उस समय किसानों को समर्थन देने यूपी गेट पर पहुंचे रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह को लोगों ने हाथों हाथ लिया और कंधे पर बैठा लिया था। इस दौरान वह तबीयत बिगड़ने पर बेहोश हो गए थे। इसके बाद गाजियाबाद आने का उन्हें मौका नहीं मिला। जब भी खेती, किसानी और मजदूरों के हकों की बात होगी, चौधरी अजित सिंह को हमेशा याद किया जाएगा। किसानों ने अपना सबसे मजबूत नेता ही नहीं बल्कि एक नायक खो दिया।

- अजयपाल प्रमुख, रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी अजित सिंह किसानों के सच्चे हमदर्द और देश के बड़े नेता थे। उन्होंने हमेशा चौधरी चरणसिंह की विचारधारा को आगे बढ़ाया और हमेशा हिंदू मुस्लिम भाईचारे को बढ़ावा देने का काम किया।

-अमरजीत सिंह बिड्डी, रालोद नेता

चौधरी अजित सिंह के निधन से आज देश ने किसानों का सच्चा हमदर्द खो दिया है। वह जीवनभर किसानों की लड़ाई लड़ते रहे। जहां भी किसानों के साथ अन्याय हुआ, चौधरी अजित सिंह वहीं खड़े दिखाई दिए। आज उनका निधन पूरे देश की क्षति है। देश में किसान हित में किए गए कार्यों के लिए चौधरी अजित सिंह को हमेशा याद रखा जाएगा।

- रामनरेश रावत, पूर्व विधायक व भाजपा नेता चौधरी अजित सिंह का जीवन किसानों को समर्पित रहा। किसानों के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया। उनका अचानक चले जाना किसानों के संघर्ष और भारतीय राजनीति में कभी ना भरने वाली जगह छोड़ गया।

-बिजेंद्र यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऐसा लगता है कि निधन चौधरी अजित सिंह का और निर्धन देश का किसान हो गया। उनके निधन के साथ देश की किसान राजनीति का सूर्य अस्त हो गया। किसान राजनीति में उनकी भरपाई नहीं हो सकती।

- चौधरी अजयवीर सिंह, रालोद के प्रदेश प्रवक्ता दिल्ली जाकर चौधरी अजीत सिंह से मुलाकात के बाद राजनीतिक सफर शुरू किया। उनकी खासियत थी कि वह कार्यकर्ताओं से फोन पर संपर्क में रहते थे। आखिरी दम तक उनमें किसान और देश सेवा के जोश में कमी नहीं दिखी।

- विशाल सिंह, महानगर अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन

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