पॉलिटेक्निक कालेजों में अब मिलेगी उन्नत शिक्षा

पॉलिटेक्निक कालेजों में अब मिलेगी उन्नत शिक्षा

हसीन शाह गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के पॉलिटेक्निक कालेजों में अब 4.0 व 5.0 जनरेशन तकनीक क

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:16 PM (IST) Author: Jagran

हसीन शाह, गाजियाबाद :

उत्तर प्रदेश के पॉलिटेक्निक कालेजों में अब 4.0 व 5.0 जनरेशन तकनीक की शिक्षा दी जाएगी। अभी तक 3.0 जनरेशन की शिक्षा दी जा रही है। औद्योगिक इकाइयां तेजी से 3.0 से 4.0 जनरेशन तकनीक में बदल रही हैं। इसमें अत्याधुनिक मशीनें कंप्यूटर व इंटरनेट से जुड़ी होती हैं। 5.0 जनरेशन की तकनीक बहुत ही एडवांस है। छात्रों को 4.0 व 5.0 जनरेशन की शिक्षा मिलने पर रोजगार के दरवाजे खुल जाएंगे। प्रदेश के लाखों छात्रों को इसका फायदा होगा। शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान सोमवार से प्रदेशभर के एक हजार पॉलिटेक्निक कालेजों के शिक्षकों को एडवांस लेवल टेलीकाम ट्रेनिंग सेंटर (एएलटीटीसी) से 4.0 व 5.0 जनरेशन तकनीक पढ़ाने का प्रशिक्षण दिला रहा है।

कुछ कालेज अब भी दे रहे 2.0 जनरेशन की शिक्षा

प्रदेश के कुछ पॉलिटेक्निक कालेजों में तो 2.0 जनरेशन तकनीक की शिक्षा दी जा रही है। इसमें बहुत पुरानी मशीनें होती हैं, जिनको ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ज्यादातर औद्योगिक इकाइयों में 3.0 जनरेशन तकनीक की मशीनें काम कर रही हैं। औद्योगिक इकाइयां खुद को तेजी से 4.0 जनरेशन में बदल रही हैं। लिहाजा 4.0 जनरेशन से पॉलिटेक्निक छात्रों की मांग बढ़ गई हैं। पॉलिटेक्निक में 4.0 व 5.0 जनरेशन तकनीक की पढ़ाई नहीं होने पर छात्रों को रोजगार मिलने में परेशानी आ रही है। औद्योगिक इकाइयों में कामकाज बदल देगी आइओटी

आइओटी (इंटरनेट आफ थिग्स) से औद्योगिक इकाइयों में सभी उपकरण इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। दूर बैठकर ही इनका संचालन कर सकते हैं। इसकी मदद से किसी भी डिवाइस या उपकरण को इंटरनेट के साथ लिक कर अन्य डिवाइसों से अपनी आवश्यकता के अनुसार काम करा सकते हैं। औद्योगिक इकाई या घर के उपकरणों को एक साथ इंटरनेट की मदद से जोड़कर उसे कहीं से भी ऑन या ऑफ कर सकते हैं। आने वाला समय आइओटी का है। लिहाजा पॉलिटेक्निक कालेजों में आइओटी की शिक्षा से छात्रों के लिए नौकरियों के दरवाजे खुल जाएंगे।

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इन विषयों में दिया जाएगा प्रशिक्षण

- आधुनिक दूर संचार तकनीकी

- आइओटी (इंटरनेट आफ थिग्स)

- भवन निर्माण में विद्युत व सिविल

- नेटवर्क व साइबर सुरक्षा

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क्या है 3.0, 4.0, 5.0 जनरेशन तकनीक

3.0 जनरेशन : कुछ औद्योगिक इकाइयों में पुरानी मशीनों पर काम हो रहा है। ये मशीनें इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हैं। इनसे उत्पादन कम और मेहनत ज्यादा होती है। 4.0 जनरेशन : इस तकनीक से औद्योगिक इकाइयों में मशीनें कंप्यूटर से जुड़ने के साथ इंटरनेट से जुड़ जाएंगी। मशीन अत्याधुनिक होंगी और इंटरनेट से तेजी से काम करेंगी। 5.0 जनरेशन तकनीक : इसमें मशीनें बहुत ही एडवांस तकनीक की होंगी। एक तरह की रोबोटिक मशीनें होंगी। आने वाले समय में औद्योगिक इकाइयों में इन्ही मशीनों का इस्तेमाल होगा।

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ऐसे होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण

प्रदेश के सभी पॉलिटेक्निक कालेजों के एक हजार शिक्षकों को एएलटीटीसी से ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रारंभ में 120 शिक्षकों को 18 से 22 जनवरी तक आनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आठ से 12 फरवरी तक 120 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी तरह अलग-अलग माह में एक हजार शिक्षकों प्रशिक्षण देने के लिए बैच बनाए गए हैं। आनलाइन के बाद आफलाइन एएलटीटीसी में आकर शिक्षकों को छात्रों को पढ़ाने का प्रशिक्षण लेना होगा।

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एएलटीटीसी से प्रदेश के सभी पॉलिटेक्निक कालेजों के शिक्षकों को 4.0 व 5.0 जनरेशन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये 18 जनवरी से प्रशिक्षण शुरू होगा।

- कृष्णा कुमार यादव, सहायक निदेशक, एएलटीटीसी

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