खाली दौड़ रही एटा पैसेंजर ट्रेन, नहीं मिल रहे यात्री

बस से किराया कम होने के बावजूद यात्री नहीं दिखा रहे दिलचस्पी आने-जाने के समय को लेकर भी ट्रेन की बजाए बसों में ज्यादा सफर।

JagranThu, 09 Dec 2021 06:01 AM (IST)
खाली दौड़ रही एटा पैसेंजर ट्रेन, नहीं मिल रहे यात्री

संवाद सहयोगी, टूंडला: जहां एक ओर यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टूंडला से एटा के बीच चलने वाली एटा-पैसेंजर ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे। जिसके चलते रेलवे को इस ट्रेन के संचालन से घाटा उठाना पड़ रहा है। छह डिब्बों बाली पैसेंजर ट्रेन में नवंबर माह में टूंडला से एटा की ओर महज सात सौ लोगों ने सफर किया। वहीं एटा से टूंडला आने वाले यात्रियों की संख्या 1150 के आसपास है।

टूंडला जंक्शन से एटा के बीच ट्रेन शुरू करने को लेकर कई साल तक मांग उठाई गई। टूंडला और एटा के बीच ट्रेन के चार फेरे लगते थे। कोविड के समय ट्रेन का संचालन बंद हो गया था। ट्रेन को करीब डेढ़ माह पूर्व ही शुरू किया गया और दो फेरे लगते हैं। ट्रेन टूंडला से सुबह 5.00 बजे चलकर 7.20 बजे एटा पहुंचती है। इसके बाद रात 8.00 साढ़े बजे एटा से चलकर 10.20 बजे टूंडला पहुंचती है। टूंडला से एटा के बीच 73 किमी का सफर तय करने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिदिन सैकड़ों में हैं, लेकिन इस ट्रेन को सवारियां नहीं मिलती। आलम यह है कि नवंबर में टूंडला से एटा का सफर महज सात सौ लोगों ने किया, जो कि प्रतिदिन का औसत 23 लगभग रहा। वहीं एटा से टूंडला के सफर का औसत प्रतिदिन का लगभग 36 रहा। ट्रेन के यात्री रामकुमार कहते हैं कि ट्रेन का समय सुबह 5.00 बजे होने के कारण डेली अप डाउन करने वालों के लिए ट्रेन उपयोगी नहीं है। इसलिए सवारियां बस से ज्यादा सफर करती हैं। हालांकि बस का किराया डेढ़ गुना ज्यादा है। समय बदले तो यात्रियों को राहत होगी और रेलवे को फायदा होगा।

एक नजर

73 किमी ट्रेन से टूंडला से एटा की दूरी

09 ठहराव है ट्रेन के टूंडला से एटा के बीच

45 रुपये टूंडला से एटा का ट्रेन किराया

59 किमी सड़क मार्ग से टूंडला से एटा की दूरी

67 रुपये बस से टूंडला से एटा का किराया

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समय बदलने को कई बार भेजी शिकायत

टूंडला : एटा पैसेंजर ट्रेन के समय में बदलाव कराने को लेकर कई बार प्रयास कर चुके हैं। कोविड से पूर्व ट्रेन दो फेरे लगाती थी। तब यात्रियों की संख्या ठीक थी। यदि ट्रेन का समय बदल जाएगा तो यात्रियों को भी फायदा होगा। इसके लिए फिर से अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।

- प्रेमचंद्र शास्त्री, सदस्य रेलवे परामर्शदात्री समिति, प्रयागराज वर्तमान समय में ट्रेन में कम ही यात्री यात्रा कर रहे हैं। ट्रेन के संचालन का समय सुबह जल्दी व रात में होने के कारण स्थानीय यात्री कम ही मिल रहे हैं। यात्री न होने के कारण रेलवे को घाटा उठाना पड़ रहा है। समय बदलाव पर विचार होगा।

-अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज

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