न रजिस्ट्रेशन न डाक्टर, ये तो बस ट्रामा सेंटर

सेंटर के बाहर लगे बोर्ड पर लिखे हैं आगरा के डाक्टरों के नाम शिकोहाबाद में लगातार बढ़ रहे सेंटर नहीं कोई सुविधाएं।

JagranFri, 23 Jul 2021 06:04 AM (IST)
न रजिस्ट्रेशन न डाक्टर, ये तो बस ट्रामा सेंटर

टीम जागरण फीरोजाबाद:

²श्य एक: शिकोहाबाद के मैनपुरी चौराहे के पास सर्विस रोड पर मां भगवान देवी हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर। बोर्ड पर लिखा था डा.एके राजपूत बीएएमएस संचालक। हाल में चल रहे अस्पताल में दस बैड थे, जिन पर महिलाएं भर्ती थीं। स्टाफ ने बताया जांच बाहर से कराते हैं और गंभीर मरीज होने पर डाक्टर आगरा से आते हैं। जब डा.राजपूत से बात की तो बोले कि आगरा से न्यूरो सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ आते हैं। जांच की सुविधा नहीं है। रजिस्ट्रेशन अलीगढ़ के डाक्टर के नाम पर है। दृश्य दो- शिकोहाबाद के प्रतापपुर चौराहे के पास स्थित लाइफ केयर हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के बोर्ड पर मेडिकल आफिसर कुलदीप यादव और डा. आरबी सिंह का नाम लिखा मिला, लेकिन मौके पर इनमें से कोई नहीं मिला। स्टाफ ने बताया गया कि गंभीर घायल व रोगियों के आने पर आन काल डाक्टर बुलाए जाते हैं। न तो जांच की सुविधा थी और न एंबुलेंस। ²श्य तीन: प्रतापपुर चौराहा शिकोहाबाद स्थित जय हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के बाहर लगे बोर्ड पर डा. प्रत्यज्ञ, सर्जन एमएस आगरा व डा. रामदत्त एमबीबीएस फिजीशियन आगरा का नाम अंकित था। मरीजों की भीड़ थी। बताया गया कि 15 दिन पहले उद्घाटन हुआ था। सेंटर में दोनों डाक्टर मौके पर उपस्थित नहीं मिले। एक कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में डाक्टर आगरा व अन्य स्थानों से बुलाए जाते हैं। ²श्य चार : बालाजी मंदिर के पास बने आरके हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के बोर्ड पर डा. ईशू शर्मा एमबीबीएस व डा. जितेन्द्र यादव का नाम लिखा था। बगल में मेडिकल स्टोर भी है, लेकिन ये डाक्टर मौके पर नहीं मिले। केवल स्टाफ मरीजों का इलाज कर रहा था। बताया गया कि डाक्टर साहब देर से आएंगे। फीरोजाबाद जिला मुख्यालय से लगभग चार किमी दूर निकलते ही मक्खनपुर से शिकोहाबाद तक ट्रामा सेंटरों का जाल फैला है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में सरकारी और सेवार्थ संस्थान को छोड़कर कोई भी ट्रामा सेंटर पंजीकृत नहीं है, लेकिन ये धड़ल्ले से चल रहे हैं। मक्खनपुर में हाईवे पर ट्रामा सेंटर संचालित है तो शिकोहाबाद में बालाजी मंदिर से मैनपुरी चौराहे तक लगभग तीन किमी में ट्रामा सेंटर और अस्पताल आधा दर्जन से अधिक है। इन पर लगे बोर्डों पर डाक्टरों के नाम के आगे एमडी और एमएस जैसी डिग्रियों के नाम लिखे हैं, लेकिन गुरुवार दोपहर जब जागरण टीम पहुंची तो डाक्टर नहीं मिले। जिन डाक्टरों के नाम अंकित हैं वे अधिकांश आगरा के बताए गए। इन ट्रामा सेंटर में न तो कोई जांच की सुविधा है और न कोई विशेषज्ञों की सुविधा। जानकार बताते हैं कि यहां मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद मोटी फीस वसूलकर रेफर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिना मानक के संचालित ट्रामा सेंटरों और अन्य अस्पतालों के खिलाफ काफी समय से कार्रवाई नहीं की गई है।

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इमरजेंसी में कैसे तय होती है आगरा से शिकोहाबाद की दूरी

ट्रामा सेंटर वाले आगरा से डाक्टरों को बुलाने की बात करते हैं, मगर सवाल यह है कि इमरजेंसी मामले में डाक्टर का आगरा से शिकोहाबाद तक 65 किमी की दूरी तय कर पहुंचना आसान नजर नहीं आता। सूत्रों का कहना है कि यहां कंपाउंडर और आपरेशन थियेटर का स्टाफ ही इलाज करता है।

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विभागीय रिकार्ड के अनुसार जिले में एक-एक सरकारी और प्राइवेट ट्रामा सेंटर हैं। इसके अलावा अन्य कोई ट्रामा सेंटर नहीं हैं। ट्रामा सेंटर लिखे अस्पतालों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

डा. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ

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