गरीबों के पुष्टाहार में पकड़ा गया चार केंद्रों पर घोटाला

दो साल से नहीं खुला आंगनबाड़ी केंद्र कागजों पर होता रहा वितरण डीपीओ के निरीक्षण से खुली पोल मुख्य सेविका की भूमिका भी संदिग्ध।

JagranWed, 23 Jun 2021 06:47 AM (IST)
गरीबों के पुष्टाहार में पकड़ा गया चार केंद्रों पर घोटाला

जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : गरीब बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के लिए आने वाले पुष्टाहार में घोटाला हुआ है। आंगनबाड़ी केंद्र खुले बिना कागजों पर पुष्टाहार बंटता रहा। डीपीओ के निरीक्षण में चार केंद्रों पर गड़बड़ी मिली। मामला पकड़े जाने के बाद रिकवरी के आदेश दिए हैं। वहीं मुख्य सेविका की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आभा सिंह मंगलवार दोपहर पौन बजे रसूलपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। नया रसूलपुर के नाम से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। कार्यकर्ता सुलेखा और सहायिका इंद्रवती गायब थीं। इस कारण कोई रिकार्ड देखने को नहीं मिला। वहीं इसी क्षेत्र में संचालित दूसरा केंद्र भी बंद मिला। कार्यकर्ता बसंती अनुपस्थित थी। आसपास के लोगों ने बताया कि कार्यकर्ता दो साल से नहीं आई है और न ही केंद्र का ताला खोला गया।

रसूलपुर के तीसरे केंद्र पर कार्यकर्ता किरन राठौर और डाक बंगला पर सुधा देवी उपस्थित थी। यहां पुष्टाहार का स्टाक और वितरण रजिस्टर भी गड़बड़ी की गवाही दे रहा था। उनमें कई कमियां थीं। डीपीओ ने बताया कि चारों केंद्रों को दिए गए पुष्टाहार और वितरण की गहनता से जांच के बाद रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। जो कार्यकर्ता अनुपस्थित थीं उनका जून का वेतन रोका गया है। वहीं क्षेत्रीय मुख्य सेविका को कारण बताओ नोटिस दिया है।

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डीपीओ को बंद मिला परियोजना कार्यालय

निरीक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही नहीं विभागीय अधिकारी भी लापरवाह मिले। डीपीओ ने मंगलवार को केंद्रों से पहले तीन बाल विकास परियोजना कार्यालयों का भी निरीक्षण किया। सुहाग नगर स्थित शहर द्वितीय कार्यालय पर उन्हें 10.05 बजे पर ताला लटका मिला। परियोजना की प्रभारी शकुंतला देवी, मुख्य सेविका इंद्रा गौतम अनुपस्थित थीं। शहर प्रथम कार्यालय सवा दस बजे खुला था, लेकिन प्रभारी अनीता राठौर और मुख्य सेविका पिकी अनुपस्थित थीं। जिससे अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका। सदर ब्लाक कार्यालय स्थित ग्रामीण परियोजना कार्यालय में साढ़े दस बजे मुख्य सेविका रश्मि सिंह अनुपस्थित थीं। वहीं कार्यालय परिसर में काफी गंदगी थी। डीपीओ ने बताया कि अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही जवाब तलब किया गया है।

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