बुखार से महिला की मौत, दो गांव में टीमों ने किया परीक्षण

बुखार से महिला की मौत, दो गांव में टीमों ने किया परीक्षण
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 06:59 PM (IST) Author: Jagran

जागरण टीम, फतेहपुर : यमुना कटरी के गांवों में बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। डेंगू व मलेरिया से असोथर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुत्तौर व अढ़ावल गांव के बाद कीर्तिखेड़ा भी चपेट में आ गया है। गुरुवार को गांव में बुखार से एक महिला की मौत हो जाने से दहशत का माहौल है। उधर अमौली पीएचसी के भगौनापुर गांव में डेंगू फैलने की आशंका पर जांच के लिए स्वास्थ्य टीम ने 14 बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच के नमूने लिए हैं। जबकि मलेरिया की जांच में एक बुखार पीड़ित पॉजिटिव पाया गया है।

कीर्तिखेड़ा गांव निवासी सुशील सिंह की 30 वर्षीय पत्नी किरण सिंह को पांच दिनों से बुखार आ रहा था। अचानक हालत गंभीर होने पर तीन दिन पहले बहुआ के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया। इसके बाद घर ले आए। गुरुवार की सुबह महिला की मौत हो गई। अमौली पीएचसी के भगौनापुर गांव में अब तक बुखार से तीन मौतें हो चुकी हैं। इसके बाद से यहां पर स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ी है। गांव के जिन लोगों को निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, उनको डेंगू ही बताया जा रहा है। इस पर अब स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर डेंगू जांच कराने का निर्णय लिया है। इस पर गुरुवार स्वास्थ्य टीम पहुंची। स्वास्थ्य शिविर में 57 बीमारों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसमें 14 बीमारों को संभावित डेंगू के लक्षण देख जांच के लिए नमूना लिया गया। इसके अलावा 18 बीमारों की मलेरिया जांच की गई है। इसमें एक बीमार मलेरिया पॉजिटिव मिला है। इसके अलावा चांदपुर में 25 बीमारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें दो की मलेरिया जांच हुई है, इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर किर्तीखेड़ा गांव निवासी शक्ति सिंह ने बताया कि गांव में लोग बीमार हैं। बुखार पीड़ित निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। अढ़ावल गांव के बृजमोहन निषाद ने बताया कि गांव में बुखार से करीब 40 लोग बीमार हैं। इसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। बीमार निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

एंटी लार्वा का छिड़काव कराया

अमौली सीएचसी के फिरोजपुर, मेंहदिया, केवटरा गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने पहुंचकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। डा. पुष्कर कटियार ने बताया बीमार गांव में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं। दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। बुखार आने पर बीमार लोग गांव में स्वयं से दवा लेकर न खाएं। बीमार पड़ने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।

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