बच्चों के संग बच्चे बनकर जीने में आनंद..

जासं फतेहपुर शहर के सिद्धपीठ मुराइन टोला हनुमान मंदिर में शैलेंद्र साहित्य सरोवर की अ

JagranPublish:Sun, 14 Nov 2021 06:37 PM (IST) Updated:Sun, 14 Nov 2021 06:37 PM (IST)
बच्चों के संग बच्चे बनकर जीने में आनंद..
बच्चों के संग बच्चे बनकर जीने में आनंद..

जासं, फतेहपुर : शहर के सिद्धपीठ मुराइन टोला हनुमान मंदिर में शैलेंद्र साहित्य सरोवर की ओर से सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवि केपी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना से शुरुआत करते हुए सुनाया बच्चों के उन्नयन हित हों नूतन कुछ काम। महेश चंद्र त्रिपाठी ने पढ़ा बच्चों के संग बच्चे बनकर जीने में आनंद। शिव सागर साहू ने पढ़ा दुनिया में मधुमेह का हुआ बहुत फैलाव। मधु सूदन दीक्षित ने पढ़ा बड़ा अछ्वुत दिखाई दे रहा संसार यह सारा। अध्यक्षता कर रहे गोविद प्रसाद कुशवाहा ने पढ़ा अपने से भी श्रेष्ठजनों से सदा मित्रता में करता। आचार्य विष्णु ने पढ़ा सबों से खुद को अदना मानता हूं, और अपनी हैसियत मै जानता हूं। आदित्य नारायण शुक्ल ने पढ़ा बाल दिवस का पर्व यह दे जग संदेश। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा त्याग योग निद्रा जगे, अब सर्वेश्वर विष्णु। अंत में महंत ने सभी को आशीर्वाद दिया।