स्टेट हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

स्टेट हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

संवाद सूत्र बहुआ केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए किसान बिलों और स्थानीय समस्याओं को लेक

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 11:36 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, बहुआ : केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए किसान बिलों और स्थानीय समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बांदा-टांडा स्टेट हाईवे जाम कर दिया। सड़क पर दरी बिछाकर भाकियू नेताओं ने सरकार और प्रशासन को जमकर खरीखोटी सुनाई। धरना देकर बैठे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान से अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, सीओ जाफरगंज संजय शर्मा ने बातचीत करके धरना खत्म करवाया। दोपहर 1:20 से लेकर 5:15 बजे तक यातायात ठप रहा।

ललौली थाने के दसवां मील टोल प्लाजा के पास सुबह पहर से भाकियू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं तथा किसानों का जमघट लगना शुरू हो गया था। दोपहर एक बजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पहुंचते ही जय जवान-जय किसान जैसे नारे लगाकर धरना शुरू किया गया। धरने पर बैठे भाकियू नेताओं की मांग रही कि तीनों किसान बिल किसान विरोधी हैं, इन्हें वापस लिया जाए। उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का विधेयक केंद्र सरकार पास करे। दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर किसानों के साथ ज्यादती प्रशासन ने की है। वहीं स्थानीय मुद्दों में कोंडार, कोर्रा, ललौली में अवैध रूप से किए जा रहे बलुई मिट्टी का खनन रोका जाए। इसके साथ ही अढ़ावल घाट में मशीनों से खनन प्रशासन रोके अन्यथा 17 दिसंबर को घाट जाने वाले रास्ते पर धरना होगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम, राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, ज्ञान सिंह, सोनू सिंह, दीपक गुप्ता, सत्यम सिंह पदाधिकारियों सहित ढाई सौ किसानों की भीड़ जमी थी।

नजाकत भांप पुलिस ने कराया डायवर्जन

दसवां मील में भाकियू द्वारा सड़क जाम किए जाने से पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। बहुआ चौराहे से डायवर्जन कर दिया। बहुआ चौराहे से सीधे जा रहे वाहनों को गाजीपुर के रास्ते गुजारा गया। चालकों को जाम लगाए जाने की सूचना देकर वाहनो को मोड़ा गया। दिक्कतों में फंसने के बजाए लोगों ने घुमावदार रास्ते को अपनाकर दूरी तय की।

एंबुलेंस गुजरने पर नहीं रोक

सड़क जाम करके बैठे भाकियू नेता इस बात को लेकर संजीदा दिखे कि एंबुलेंस को रास्ता देकर गुजारने में कोई रोक टोक नहीं की बल्कि पुलिस ने इन्हें निकालने के लिए रास्ता बनाने तक कहा। मरीजों की आफत में फंसी जान को ध्यान में रखकर रास्ता दिया जाना सराहा गया।

तीन किमी तक लगा वाहनों का रेला : भाकियू द्वारा रोड जाम किए जाने से दोनों तरफ तीन-तीन किमी तक वाहनों का रेला लगा रहा। जाम में छह रोडवेज बसें फंसी रहीं। जिसके चलते दिक्कतों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम 5:15 बजे जाम खुलने के बाद वाहन निकल पाए।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.