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184 स्थलों में जोखिम भरी जिदगी, रामभरोसे निगरानी

184 स्थलों में जोखिम भरी जिदगी, रामभरोसे निगरानी

जागरण संवाददाता फतेहपुर कोरोना के संक्रमण की रोकथाम हो इसके लिए जहां भी मरीज निक

JagranSat, 17 Apr 2021 07:58 PM (IST)

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : कोरोना के संक्रमण की रोकथाम हो इसके लिए जहां भी मरीज निकलता है, उसके 25 मीटर ऐरिया को सील कर कंटेनमेंट जोन बना दिया जाता है। इसका अर्थ है कि इस घोषित ऐरिया के अंदर जाना या इसके बाहर आना दोनों ही मना है। इस जोनों की निगरानी सख्त हो इसके लिए प्रशासन ने गांवों में ग्राम निगरानी व शहरों में मोहल्ला निगरानी समितियों को जिम्मेदारी दी है। क्योंकि चुनावी माहौल में पुलिस व अन्य कर्मचारी व्यस्त है। लेकिन यह समितियां न तो निगरानी करती है और नही किसी को मना करने पहुंचती है, जिससे संक्रमण और बढ़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 840 ग्राम निगरानी समितियां और शहरी क्षेत्रों में 125 मोहल्ला समितियां बनी हैं। इनमें आशा, आंगनबाड़ी के अलावा क्षेत्र के संभ्रात लोगों को भी रखा गया है। नियम तो यहां तक है कि जहां भी कंटेनमेंट जोन घोषित हो वहां आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्रशासन द्वारा की जाए लेकिन प्रशासन वर्तमान में यह नहीं कर पा रहा है। गंभीर हालात तो यह है कि यहां शत-प्रतिशत लोगों की कांटैक्ट ट्रेसिग और आरआरटी टीमों द्वारा सघन जांच तक नहीं होती है। कहने का आशय है कि जिसके घर में मरीज निकला है उसके पूरे परिवार तक की जांच नहीं की जा रही है। यह लापरवाही भारी पड़ रही है, और हर दिन कोरोना मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। 184 कंटेनमेंट वर्तमान सक्रिय

जिले में वर्तमान में 184 कंटेनमेंट सक्रिय है, अगर इन जोनों में ही सख्ती कर दी जाए तो निश्चित तौर पर बड़े पैमाने में कोरोना की रोकथाम हो सकती है। लेकिन निगरानी की कमजोर व्यवस्था के कारण इन जोनों में सक्रिय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शासन के नियमों के आधार पर हम कोरोना मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन बना रहे हैं, इस समय चुनाव के कारण कर्मचारियों की ड्यूटी तो नहीं लग रही है, लेकिन निगरानी समितियों को इन कंटेनमेंट की जिम्मेदारी है। जहां लापरवाही हो रही है उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई तय की जाएगी।

आशीष सिंह, नोडल अधिकारी कंटेनमेंट जोन

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